| | कुंबले की उपलब्धियों के जिक्र में फिरोजशाह कोटला मैदान पर एक पारी में 10 विकेट लेने के रिकॉर्ड की चर्चा सबसे पहले होती है। कुंबले का टेस्ट रिकॉर्ड उनके महान गेंदबाज होने का प्रमाण है। 132 टेस्ट में 619 विकेट लेना हँसी खेल नहीं है। 35 बार पारी में पाँच विकेट और 8 बार मैच में दस विकेट लेने के आँकड़े उनकी क्षमता का परिचायक हैं। कुंबले ने वॉर्न और मुरली के साथ ऐसी तिकड़ी बनाई, जिसकी मिसाल सदियों तक दी जाएगी। इन तीनों गेंदबाजों ने मिलकर टेस्ट क्रिकेट में दो हजार से ज्यादा विकेट लिए हैं और अभी मुरली खेल में बने हुए हैं। क्रिकेट को बल्लेबाजों का खेल कहा जाता है, लेकिन कुंबले, मुरली और वॉर्न की... |