शिवरात्रि पर उपवास और रात्रि जागरण का क्या है महत्व, जानिए...


* भगवान शंकर की आराधना का प्रमुख दिन है शिवरात्रि... 
 
- नरेंद्र देवांगन
 
अन्न में भी मादकता होती है। भोजन करने के बाद शरीर में आलस्य और तंद्रा का अनुभव प्रत्येक व्यक्ति करता है। अन्न ग्रहण न करने से शरीर चैतन्य और जागृत रहता है। परिणामस्वरूप जिस आध्यात्मिक अनुभूति और उपलब्धि के लिए शिव उपासना की जा रही है, उसमें कोई बाधा नहीं उत्पन्न होती। भूख प्राणीमात्र की प्राथमिक आवश्यकताओं में से एक है।
इसलिए भूख को सहन करना, तितिक्षा की वृद्धि करना है। यदि भूख पर विजय पा ली गई तो ऐसी अन्य आदतों पर विजय प्राप्त करना भी आसान हो जाता है, जो भूख के समान गहरी नहीं होतीं। इसे तेज धारा के विपरीत तैरने का प्रयोग भी समझना चाहिए।
 
के संदर्भ में श्रीकृष्ण के इन वाक्यों की ओर ध्यान देना चाहिए 'या निशा सर्वभूतानां तस्यां जागर्ति संयमी।' अर्थात जब संपूर्ण प्राणी अचेतन होकर नींद की गोद में सो जाते हैं तो संयमी, जिसने उपवासादि द्वारा इंद्रियों पर नियंत्रण प्राप्त कर लिया हो, जाग कर अपने कार्यों को पूर्ण करता है। कारण साधना सिद्धि के लिए जिस एकांत और शांत वातावरण की आवश्यकता होती है, वह रात्रि से ज्यादा बेहतर और क्या हो सकती है।
शिवरात्रि पर शिव-उपासना और व्रत से क्या मिलता है फल

शिवरात्रि भगवान शंकर की आराधना का प्रमुख दिन है। अन्य देवों का पूजन-अर्चन दिन में होता है, लेकिन भगवान शंकर को रात्रि क्यों प्रिय हुई और वह भी फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को? यह बात विदित है कि भगवान शंकर संहार शक्ति और तमोगुण के अधिष्ठाता हैं, अतः तमोमयी रात्रि से उनका स्नेह स्वाभाविक है। रात्रि संहारकाल की प्रतिनिधि है।
उसका आगमन होते ही सर्वप्रथम प्रकाश का संहार, जीवों की दैनिक कर्म-चेष्टाओं का संहार और अंत में निद्रा द्वारा चेतनता का संहार होकर संपूर्ण विश्व संहारिणी रात्रि की गोद में अचेत होकर गिर जाता है। ऐसी दशा में प्राकृतिक दृष्टि से शिव का रात्रि प्रिय होना सहज ही हृदयंगम हो जाता है। यही कारण है कि भगवान शंकर की आराधना न केवल इस रात्रि में अपितु सदैव प्रदोष (रात्रि प्रारंभ होने पर) समय में भी की जाती है।
 
 

वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।

और भी पढ़ें :

प्राणायाम से पाएं दीर्घायु

प्राणायाम से पाएं दीर्घायु
हर कोई चाहता है कि जब तक वह जीवित रहे, स्वस्थ ही रहे। स्वस्थ रहते हुए ही अपने बच्चों को ...

रिश्तों को बचाएं व प्यार बढ़ाएं, 7 टिप्स अपनाएं

रिश्तों को बचाएं व प्यार बढ़ाएं, 7 टिप्स अपनाएं
हम सभी यही सोचकर रिश्ते बनाते हैं कि हमें उस रिश्ते से हमेशा खुशी मिलेगी व हमारी हमारे ...

नौकरी की तलाश है तो यह 10 बहुत सरल और सुरक्षित टोटके आजमाएं

नौकरी की तलाश है तो यह 10 बहुत सरल और सुरक्षित टोटके आजमाएं
नौकरी हर इंसान की जरूरत है। लेकिन कई प्रयासों के बाद भी जब नौकरी न मिले तो स्वाभाविक रूप ...

कौड़ियां बनाती हैं मालामाल, यह 4 उपाय पढ़कर चकित रह जाएंगे ...

कौड़ियां बनाती हैं मालामाल, यह 4 उपाय पढ़कर चकित रह जाएंगे आप...
कौड़ी सफेद, भूरी और पीली तथा चितकबरी आती हैं। इन्हें मां लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है। ...

हवन के चमत्कारी फायदे वैज्ञानिक भी मान गए, पढ़ें यह दिलचस्प ...

हवन के चमत्कारी फायदे वैज्ञानिक भी मान गए, पढ़ें यह दिलचस्प जानकारी
ताजा शोध नतीजे बताते हैं कि हवन वातावरण को प्रदूषण मुक्त बनाने के साथ ही अच्छी सेहत के ...

करोड़पति बनने और अपार धन कमाने के 4 आसान टोटके, पढ़‍िए और ...

करोड़पति बनने और अपार धन कमाने के 4 आसान टोटके, पढ़‍िए और आजमाएं...
सदियों से चली आ रही भारतीय परंपरा में कुछ ऐसे भी टोटके हैं जो आसान प्रयास से अचूक असरकारी ...

ज्योतिष की दृष्टि में कौन हैं मंगल ग्रह, जानिए मंगल के ...

ज्योतिष की दृष्टि में कौन हैं मंगल ग्रह, जानिए मंगल के शुभ-अशुभ प्रभाव
मंगल नवग्रहों में से एक है। लाल आभायुक्त दिखाई देने वाला यह ग्रह जब धरती की सीध में आता ...

क्रौंच पक्षी वध से द्रवित होकर वाल्मीकि के मुंह से निकला ...

क्रौंच पक्षी वध से द्रवित होकर वाल्मीकि के मुंह से निकला रामायण का ये पद
मनुष्य ने पहली कविता कब लिखी, यह बता पाना बहुत कठिन है। परन्तु, संस्कृत के आदि कवि ...

25 जून 2018 का राशिफल और उपाय...

25 जून 2018 का राशिफल और उपाय...
चोट, चोरी व विवाद आदि से हानि संभव है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। अपेक्षानुरूप कार्य न ...

25 जून 2018 : आपका जन्मदिन

25 जून 2018 : आपका जन्मदिन
दिनांक 25 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 7 होगा। इस अंक से प्रभावित व्यक्ति अपने आप में कई ...

राशिफल