खजुराहो- आध्‍यात्‍मिक सेक्‍स: ओशो

तंत्र ने सेक्‍स को स्प्रिचुअल बनाने का दुनिया में सबसे पहला प्रयास किया था। खजुराहो में खड़े मंदिर, पुरी और कोणार्क के मंदिर सबूत हैं। कभी आपने ...

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जीवन को उत्सव बना लो -ओशो

तुम जैसे हो, उससे अन्यथा होने की चेष्टा न करो। आंख में आंसू नहीं आते, क्या जरूरत है? सूखी ...

मूर्ति-पूजा शब्द बिलकुल ही गलत है: ओशो

मूर्ति-पूजा का सारा आधार इस बात पर है कि आपके मस्तिष्क में और विराट परमात्मा के मस्तिष्क ...

मूर्ति पूजा का विज्ञान और रहस्य

osho जिन लोगों ने भी मूर्ति विकसित की होगी, उन लोगों ने जीवन के परम रहस्य के प्रति सेतु बनाया ...

ओशो की प्रमुख 10 किताबें, जानिए कौन-सी

ओशो रजनीश ने किसी विषय पर लेक्चर नहीं दिए, यह एक शोध का विषय हो सकता है। ओशो के विचारों ...

मृत्‍यु की ठीक-ठीक भविष्‍यवाणी, जानिए

....तो इसे दो प्रकार से जाना जा सकता है। या तो प्रारब्‍ध को देखकर या फिर कुछ लक्षण और पूर्वाभास है जिन्‍हें देखकर जाना जा सकता है। उदाहरण के ...

ज्‍योतिष भविष्‍य में देखने की प्रक्रिया: ओशो

भविष्‍य एकदम अनिश्‍चित नहीं है। हमारा ज्ञान अनिश्‍चित है। हमारा अज्ञान भारी है। भविष्‍य में हमें कुछ दिखाई नहीं पड़ता। हम अंधे हैं। भविष्‍य का ...

ईसा मसीह सूली से कैसे बच गए?

यह बहुत अच्‍छा हुआ कि जीसस और मोजेज (मूसा) दोनों की मृत्यु भारत में ही हुई। भारत न तो ईसाई है और न ही यहूदी। परंतु जो आदमी या जो परिवार इन ...

ओशो या महाविनाश

यदि आपसे कहा जाए कि ईसा मसीह वहाँ गए थे जहाँ ओशो का जन्म होने वाला था तब शायद आप विश्वास नहीं करेंगे। लेकिन इस बात के सबूत हैं। आपसे यह कहा जाए ...

एक आग का नाम है ओशो

ओशो को हम क्या कहें धर्मगुरु, संत, अचार्य, अवतारी, भगवान, मसीहा, प्रवचनकार, धर्मविरोधी या फिर सेक्स गुरु। जो ओशो को नहीं जानते हैं और या जो ओशो ...

कामवासना का केंद्र सूर्य होता है : ओशो

कामवासना का केंद्र सूर्य होता है। इसीलिए तो कामवासना व्यक्ति को इतना ऊष्ण और उत्तेजित कर देती है। जब कोई व्यक्ति कामवासना में उतरता है तो वह ...

जीवन बंद मुट्ठी नहीं खुला हाथ है

जीवन में कोई रहस्य है ही नहीं। या तुम कह सकते हो कि जीवन खुला रहस्य है। सब कुछ उपलब्ध है, कुछ भी छिपा नहीं है। तुम्हारे पास देखने की आंख भर होनी ...

सेक्स का दमन ना करें: ओशो

'हमने सेक्स को सिवाय गाली के आज तक दूसरा कोई सम्मान नहीं दिया। हम तो बात करने में भयभीत होते हैं। हमने तो सेक्स को इस भांति छिपा कर रख दिया है ...

सफल प्रेम भी हो जाते हैं क्यों असफल- ओशो रजनीश

जॉर्ज बर्नाड शॉ ने कहा है, दुनिया में दो ही दुख हैं- एक तुम जो चाहो वह न मिले और दूसरा तुम जो चाहो वह मिल जाए। और दूसरा दुख मैं कहता हूं कि पहले ...

अभिनय चोरी है या कला?

एक अमेरिकन अभिनेता का जीवन मैं पढ़ता था। कई बार संन्यासियों के जीवन थोथे होते हैं, उनमें कुछ भी नहीं होता। जिन्हें हम तथाकथित अच्छे आदमी कहते ...

भारतीय युवाओं, जवानी की आग पैदा करो...

हिंदुस्तान की जवानी तमाशबीन है। हम देखते रहते हैं खड़े होकर, जीवन का जैसे कोई जुलूस जा रहा है। पैसिव, रुके हैं, देख रहें हैं; कुछ भी हो रहा है! ...

ओशो रजनीश की आलोचना जरूरी?

ओशो को हम क्या कहें धर्मगुरु, संत, आचार्य, अवतारी, भगवान, मसीहा, प्रवचनकार, धर्मविरोधी या फिर सेक्स गुरु। जो ओशो को नहीं जानते हैं और या जो ओशो ...

ओशो- बच्चों को रोने से न रोकें....

मनोवैज्ञानिक कहते हैं कि बच्चे के रोने की जो कला है, वह उसके तनाव से मुक्त होने की व्यवस्था है और बच्चे पर बहुत तनाव है। बच्चे को भूख लगी है और ...

जितना काम दमित होगा, उतने बलात्कार होंगे

अखबारों में खबर थी कि गुंडे बंबई में एक स्त्री को उसके पति और बच्चों से छीनकर ले गए और धमकी दे गए कि अगर पुलिस को खबर की तो पत्नी का खात्मा कर ...

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संपादकीय

अच्छे दिन कैसे आएँगे......?

अच्छे दिनों का ये जुमला दरअसल इतना घिस चुका है कि इसे शीर्षक के रूप में इस्तेमाल करते हुए थोड़ा ...

राहुल का नया 'अवतार' कितना कारगर

थाईलैंड से दो महीने की छुट्‍टी मनाकर लौटे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने नई ऊर्जा के साथ मोर्चा ...

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गुर्जर आरक्षण : नहीं निकला समाधान, यात्री परेशान

जयपुर। सरकार के तीन मंत्रिमंडलीय उपसमिति के साथ 13 सदस्यीय गुर्जर प्रतिनिधि मंडल ने सोमवार रात यहां ...

डीडी किसान चैनल का प्रचार करेंगे अमिताभ बच्चन

नई दिल्ली। हिन्दी सिनेमा के महानायक अमिताभ बच्चन ‘डीडी किसान’ चैनल को लोकप्रिय बनाने के उद्देश्य से ...

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हम बड़े नहीं हुए, बच्चों का ही देश बने हुए हैं

हमारा देश एक प्राचीन देश है, संस्कृति के लिहाज से। लेकिन आजाद देश के हिसाब से देखा जाए तो अभी हम 67 ...

पाक-चीन दोस्ती का भारत के पास है जवाब?

ईरान के एक बंदरगाह में अपने लिए नए व्यापार मार्ग खोलने की भारत की परियोजना को क्षेत्रीय मीडिया भारत ...

मोदी जनादेश का एक साल : चंद सवाल

आज ही के दिन ठीक एक साल पहले यानि 16 मई 2014 को वो ऐतिहासिक जनादेश आया था। मतपेटियों से दनादन कमल ...

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