जीवन को उत्सव बना लो -ओशो

तुम जैसे हो, उससे अन्यथा होने की चेष्टा न करो। आंख में आंसू नहीं आते, क्या जरूरत है? सूखी हैं आंखें, सूखी भली। सूखी आंखों का भी मजा है। आंसू भरी ...

ओशो की प्रमुख 10 किताबें, जानिए कौन-सी

ओशो रजनीश ने किसी विषय पर लेक्चर नहीं दिए, यह एक शोध का विषय हो सकता है। ओशो के विचारों ...

मृत्‍यु की ठीक-ठीक भविष्‍यवाणी, जानिए

....तो इसे दो प्रकार से जाना जा सकता है। या तो प्रारब्‍ध को देखकर या फिर कुछ लक्षण और पूर्वाभास है जिन्‍हें देखकर जाना जा सकता है। उदाहरण के ...

ज्‍योतिष भविष्‍य में देखने की प्रक्रिया: ओशो

भविष्‍य एकदम अनिश्‍चित नहीं है। हमारा ज्ञान अनिश्‍चित है। हमारा अज्ञान भारी है। भविष्‍य में हमें कुछ दिखाई नहीं पड़ता। हम अंधे हैं। भविष्‍य का ...

ईसा मसीह सूली से कैसे बच गए?

यह बहुत अच्‍छा हुआ कि जीसस और मोजेज (मूसा) दोनों की मृत्यु भारत में ही हुई। भारत न तो ईसाई है और न ही यहूदी। परंतु जो आदमी या जो परिवार इन ...

ओशो या महाविनाश

यदि आपसे कहा जाए कि ईसा मसीह वहाँ गए थे जहाँ ओशो का जन्म होने वाला था तब शायद आप विश्वास नहीं करेंगे। लेकिन इस बात के सबूत हैं। आपसे यह कहा जाए ...

एक आग का नाम है ओशो

ओशो को हम क्या कहें धर्मगुरु, संत, अचार्य, अवतारी, भगवान, मसीहा, प्रवचनकार, धर्मविरोधी या फिर सेक्स गुरु। जो ओशो को नहीं जानते हैं और या जो ओशो ...

कामवासना का केंद्र सूर्य होता है : ओशो

कामवासना का केंद्र सूर्य होता है। इसीलिए तो कामवासना व्यक्ति को इतना ऊष्ण और उत्तेजित कर देती है। जब कोई व्यक्ति कामवासना में उतरता है तो वह ...

जीवन बंद मुट्ठी नहीं खुला हाथ है

जीवन में कोई रहस्य है ही नहीं। या तुम कह सकते हो कि जीवन खुला रहस्य है। सब कुछ उपलब्ध है, कुछ भी छिपा नहीं है। तुम्हारे पास देखने की आंख भर होनी ...

सेक्स का दमन ना करें: ओशो

'हमने सेक्स को सिवाय गाली के आज तक दूसरा कोई सम्मान नहीं दिया। हम तो बात करने में भयभीत होते हैं। हमने तो सेक्स को इस भांति छिपा कर रख दिया है ...

सफल प्रेम भी हो जाते हैं क्यों असफल- ओशो रजनीश

जॉर्ज बर्नाड शॉ ने कहा है, दुनिया में दो ही दुख हैं- एक तुम जो चाहो वह न मिले और दूसरा तुम जो चाहो वह मिल जाए। और दूसरा दुख मैं कहता हूं कि पहले ...

अभिनय चोरी है या कला?

एक अमेरिकन अभिनेता का जीवन मैं पढ़ता था। कई बार संन्यासियों के जीवन थोथे होते हैं, उनमें कुछ भी नहीं होता। जिन्हें हम तथाकथित अच्छे आदमी कहते ...

भारतीय युवाओं, जवानी की आग पैदा करो...

हिंदुस्तान की जवानी तमाशबीन है। हम देखते रहते हैं खड़े होकर, जीवन का जैसे कोई जुलूस जा रहा है। पैसिव, रुके हैं, देख रहें हैं; कुछ भी हो रहा है! ...

ओशो रजनीश की आलोचना जरूरी?

ओशो को हम क्या कहें धर्मगुरु, संत, आचार्य, अवतारी, भगवान, मसीहा, प्रवचनकार, धर्मविरोधी या फिर सेक्स गुरु। जो ओशो को नहीं जानते हैं और या जो ओशो ...

ओशो- बच्चों को रोने से न रोकें....

मनोवैज्ञानिक कहते हैं कि बच्चे के रोने की जो कला है, वह उसके तनाव से मुक्त होने की व्यवस्था है और बच्चे पर बहुत तनाव है। बच्चे को भूख लगी है और ...

जितना काम दमित होगा, उतने बलात्कार होंगे

अखबारों में खबर थी कि गुंडे बंबई में एक स्त्री को उसके पति और बच्चों से छीनकर ले गए और धमकी दे गए कि अगर पुलिस को खबर की तो पत्नी का खात्मा कर ...

दीपावली विशेष : हाथों में प्रकाश हो

मनुष्य के हाथ में धर्म के नाम पर संप्रदायों के बुझे दीयों के ‍अतिरिक्त और कुछ भी नहीं है। धर्म के नाम पर मनुष्य के हाथ में बुझी हुई किताबों को ...

ओशो प्रवचन : व्यक्तित्व का मनोविज्ञान

ओशो के अधिकतर प्रवचन आपके जीवन की समस्याओं से जुड़े हैं। धर्म, समाज, राष्ट्र और तथाकथित बौद्धिक लोगों ने आपके जीवन को मार दिया है। ढेर सारे ...

स्त्रियां तय कर लें तो कभी युद्ध ना हो : ओशो

अगर सारी दुनिया की स्त्रियां एक बार तय कर लें- युद्ध नहीं होगा; दुनिया पर कोई राजनैतिक युद्ध में कभी किसी को नही घसीट सकता। सिर्फ स्त्रियां तय ...

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संपादकीय

सपनों की उड़ंची से शब्दों की प्राण-प्रतिष्ठा

सपनों की परवाज़ को बस एक उड़ंची की दरकार होती है। पतंग की आसमान छूती बुलंदी तय करती है कि उड़ंची में ...

बदलाव के ये बिम्ब...

यहाँ कुछ शाश्वत है तो वो है बदलाव। परिवर्तन प्रकृति का नियम है। और जो प्राकृतिक है वही सुंदर है, ...

नवीनतम

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अमेरिका यात्रा से संतुष्ट

वॉशिंगटन। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘थैंक यू अमेरिका’ के साथ अपनी पांच दिन की अमेरिका यात्रा का ...

भारत-अमेरिका के निशाने पर दाउद इब्राहिम

वॉशिंगटन। मुम्बई में 1993 के श्रृंखलाबद्ध बम विस्फोटों का साजिशकर्ता दाउद इब्राहिम और उसका वित्तीय ...

जरूर पढ़ें

रामायण : आधुनिक विमर्श

किसी किताब में ये नहीं लिखा है कैसे कोई राजा बनता है। पैसों के मामले में इधर-इधर बोलने से काम चलता ...

फलाहारी व्यंजन : लाजवाब बनाना पकौड़े

सबसे पहले केले को छिलके सहित दो टुकड़ों में काटकर कुकर में उबाल लें। ध्यान रखें कि केले अधिक न पक ...

पारंपारिक फेस्टिवल व्यंजन : गिलकी के पकौड़े

सबसे पहले एक बर्तन में बेसन लेकर उसमें चावल का आटा डालकर हरी मिर्च, लाल मिर्च पावडर, हींग, नमक, ...

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