बच्चो, कल आप सभी को एक निबंध लिखना है। लव लेन स्कूल की टीचर ने क्लास के बच्चों से कहा। इसके बाद जिनका निबंध सबसे अच्छा होगा उन्हें पूरे स्कूल के सामने निबंध पढ़कर सुनाने का मौका मिलेगा। टीचर की बात सुनकर कुछ स्टूडेंट खुश हो गए तो कुछ उदास। 'और हमें निबंध किस विषय पर लिखना होगा', स्टूडेंट्स ने पूछा। 'जिस विषय पर तुम चाहो'। कुछ बच्चों ने सोचा कि 'घर पर' निबंध लिखना चाहिए। कुछ ने स्कूल को अपना विषय बनाया।
किसी ने घोड़े पर भी निबंध लिख दिया। बस एक छोटा बच्चा किसी विषय पर निबंध नहीं लिख पाया। हेनरी लॉन्गफेलो तुमने कुछ नहीं लिखा? टीचर ने पूछा। क्या तुम्हें लिखना नहीं आता है? हेनरी ने कहा - आता है टीचर। तो फिर तुमने कुछ भी क्यों नहीं लिखा? शब्दों को जोड़कर जो मन में आता है वह लिखना चाहिए ना। टीचर ने हेनरी को समझाते हुए कहा। इसके बाद उन्होंने इस छोटे बच्चे से कहा कि तुम अपनी पट्टी लेकर जाओ और स्कूल के पिछले हिस्से में आधा घंटा बिताओ। तुम्हारे ध्यान में जो भी आता है उसके बारे में सोचो, और उसे अपने शब्दों में ढालो। वह चीज तुम्हें कैसी लगती है, अच्छी या बुरी, बस उस बारे में लिख दो।
हेनरी ने अपनी पट्टी उठाई और स्कूल के पिछवाड़े जाकर बैठ गया। वहाँ एक बगीचा था। बगीचे में हेनरी ने एक शलजम देखी और उस पर कुछ लिखना शुरू किया। वह लिखता गया और कुछ ही देर में उसने कुछ लाइनें लिख दी। आधा घंटा बीतने पर वह क्लास में गया। टीचर ने हेनरी की पट्टी देखी और उस पर लिखी लाइनें पढ़ी तो वे खुशी से चकित रह गई। टीचर ने कहा - हेनरी तुमने तो कमाल कर दिया है। अब यह पूरे स्कूल के सामने तुम्हें सुनाना होगा। हेनरी ने जो लिखा था वह पढ़कर सुनाया और उसके लिए पूरे स्कूल ने ताली बजाई।
हेनरी ने अपनी टीचर को मन ही मन धन्यवाद दिया क्योंकि उनके कारण वह लिख सका। अगर टीचर उसे डाँट देती तो हो सकता है वह कभी लिखने की कोशिश न करता पर टीचर का विश्वास पाकर उसने कोशिश की और वह कुछ अच्छा लिख सका। आगे चलकर यह हेनरी लॉन्गफेलो अमेरिका में कवि और शिक्षाविद् के तौर पर प्रसिद्ध हुए। एक टीचर हमारी जिंदगी में बहुत मायने रखते हैं। उनकी बातों से ही हम सीखते हैं।