उन्नति के शिखर तक उन्नत
ममता गुप्ता (लंदन से)
ब्रिटेन में दसवीं की जीसीऐससी परीक्षा में भारतीय मूल के उन्नत कृष्ण ने '16 ए स्टार ग्रेड' हासिल करके अपना ही नहीं बल्कि पूरे एशियाई समाज का सिर ऊँचा किया है।
जीसीऐससी में बच्चे औसतन आठ से दस विषय पढ़ते हैं, लेकिन भारतीय मूल के उन्नत कृष्ण ने जीसीऐससी के 14 विषय और एएस लेवल का एक विषय पढ़ा जो जीसीएससी के दो के बराबर होता है। इस उपलब्धि पर वो बहुत खुश हैं, लेकिन बताते हैं कि उन्हें इतनी अभूतपूर्व सफलता की उम्मीद नहीं थी।
सोलह वर्षीय उन्नत इंग्लैंड के बरमिंघम शहर के किंग एडवर्ड सिक्स फाइववेज स्कूल के छात्र हैं। वो बरमिंघम के पास स्टॉरब्रिज में अपने माता पिता और बड़े भाई अक्षत के साथ रहते हैं। माता-पिता दोनों डॉक्टर हैं।
उन्नत की माँ डॉ अंजना सिन्हा ने कहा कि पूत के पाँव पालने में ही दिखाई देने लगते हैं, यह कहावत उन्नत पर खरी उतरती है।
आमतौर से बच्चों की पढ़ाई में दिलचस्पी अच्छे परिणाम हासिल करने से जुड़ी हुई होती है। भारत में बच्चों पर माता-पिता का भारी दबाव रहता है कि अगर वो अच्छे नम्बर नहीं पाएँगे तो उनका भविष्य उज्जवल नहीं होगा, लेकिन उन्नत पर ऐसा कोई दबाव नहीं रहा।
उनके पिता डॉ. कृष्ण कन्हैया कहते हैं, 'कई बार जब वो रात के ग्यारह बजे तक बैठा कोर्स वर्क कर रहा होता था तो मैं कहता था कि छोड़ दो कल कर लेना। लेकिन वो कहता था कि नहीं ये काम मुझे आज ही पूरा करना है। मैंने हमेशा कहा कि मैं तुम्हारी मेहनत से खुश हूँ और तुम्हारे जो भी ग्रेड आएँ मैं संतुष्ट होउँगा।'
उन्नत दिन में तीन चार घंटे पढ़ाई करते हैं, लेकिन साथ ही उनकी खेल और संगीत में भी रुचि हैं। वो क्रिकेट के शौकीन हैं, टेबल टेनिस खेलते हैं, वायलिन, फ्रैच हॉर्न और हारमोनियम भी बजाते हैं। हारमोनियम पर वो अक्सर बॉलीबुड के गानों की धुनें बजाते हैं।
उन्नत ने जीवविज्ञान, रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान, गणित, सांख्यिकी से लेकर अंग्रेजी, भूगोल, इतिहास, भूविज्ञान, धार्मिक अध्ययन, इन्फॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नॉलॉजी के अलावा जर्मन और लेटिन भाषाएँ पढ़ीं।
वो अपने माता-पिता के पदचिन्हों पर चलना चाहते हैं और ए लेवेल करने के बाद डॉक्टरी की पढ़ाई करना चाहते हैं। उन्नत के माता पिता अपने बेटे की इस सफलता से बेहद खुश हैं लेकिन यह सफलता उन्हें महँगी भी पड़ी। वादे के अनुसार उन्हें उन्नत के हर ए स्टार के लिए एक प्ले स्टेशन गेम खरीद कर देना होगा।
लेकिन ऐसा खर्च करके कौन माँ-बाप खुश ना होगा भला।
ब्रिटेन में दसवीं की जीसीऐससी परीक्षा में भारतीय मूल के उन्नत कृष्ण ने '16 ए स्टार ग्रेड' हासिल करके अपना ही नहीं बल्कि पूरे एशियाई समाज का सिर ऊँचा किया है।
BBC
सोलह वर्षीय उन्नत इंग्लैंड के बरमिंघम शहर के किंग एडवर्ड सिक्स फाइववेज स्कूल के छात्र हैं। वो बरमिंघम के पास स्टॉरब्रिज में अपने माता पिता और बड़े भाई अक्षत के साथ रहते हैं। माता-पिता दोनों डॉक्टर हैं।
उन्नत की माँ डॉ अंजना सिन्हा ने कहा कि पूत के पाँव पालने में ही दिखाई देने लगते हैं, यह कहावत उन्नत पर खरी उतरती है।
आमतौर से बच्चों की पढ़ाई में दिलचस्पी अच्छे परिणाम हासिल करने से जुड़ी हुई होती है। भारत में बच्चों पर माता-पिता का भारी दबाव रहता है कि अगर वो अच्छे नम्बर नहीं पाएँगे तो उनका भविष्य उज्जवल नहीं होगा, लेकिन उन्नत पर ऐसा कोई दबाव नहीं रहा।
उनके पिता डॉ. कृष्ण कन्हैया कहते हैं, 'कई बार जब वो रात के ग्यारह बजे तक बैठा कोर्स वर्क कर रहा होता था तो मैं कहता था कि छोड़ दो कल कर लेना। लेकिन वो कहता था कि नहीं ये काम मुझे आज ही पूरा करना है। मैंने हमेशा कहा कि मैं तुम्हारी मेहनत से खुश हूँ और तुम्हारे जो भी ग्रेड आएँ मैं संतुष्ट होउँगा।'
उन्नत दिन में तीन चार घंटे पढ़ाई करते हैं, लेकिन साथ ही उनकी खेल और संगीत में भी रुचि हैं। वो क्रिकेट के शौकीन हैं, टेबल टेनिस खेलते हैं, वायलिन, फ्रैच हॉर्न और हारमोनियम भी बजाते हैं। हारमोनियम पर वो अक्सर बॉलीबुड के गानों की धुनें बजाते हैं।
उन्नत ने जीवविज्ञान, रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान, गणित, सांख्यिकी से लेकर अंग्रेजी, भूगोल, इतिहास, भूविज्ञान, धार्मिक अध्ययन, इन्फॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नॉलॉजी के अलावा जर्मन और लेटिन भाषाएँ पढ़ीं।
वो अपने माता-पिता के पदचिन्हों पर चलना चाहते हैं और ए लेवेल करने के बाद डॉक्टरी की पढ़ाई करना चाहते हैं। उन्नत के माता पिता अपने बेटे की इस सफलता से बेहद खुश हैं लेकिन यह सफलता उन्हें महँगी भी पड़ी। वादे के अनुसार उन्हें उन्नत के हर ए स्टार के लिए एक प्ले स्टेशन गेम खरीद कर देना होगा।
लेकिन ऐसा खर्च करके कौन माँ-बाप खुश ना होगा भला।
