धर्मयात्रा की इस बार की कड़ी में हम आपको लेकर चलते हैं उज्जैन के प्रसिद्ध द्वारकाधीश गोपाल मंदिर। गोपाल मंदिर उज्जैन नगर का दूसरा सबसे बड़ा मंदिर है। शहर के मध्य व्यस्ततम क्षेत्र में स्थित इस मंदिर की भव्यता आस-पास बेतरतीब तरीके से बने मकान और दुकानों के कारण दब-सी गई है।
प्राचीन तंत्र ग्रंथों में दस महाविद्याओं का उल्लेख मिलता है। उनमें से एक है बगलामुखी। माँ भगवती बगलामुखी का महत्व समस्त देवियों में सबसे विशिष्ट है। विश्व में इनके सिर्फ तीन ही महत्वपूर्ण प्राचीन मंदिर है, जिन्हें सिद्धपीठ पीठ कहा जाता है। उनमें से एक है नलखेड़ा में। तो आइये...
1023 ईस्वी में बनाया गया यह चर्च लगभग 900 साल पुराना है। इस चर्च का स्थापत्य पुर्तगाली शैली में बना हुआ है। चर्च के अंदर स्थापित मदर मैरी औऱ अमलोलभव माता की मूर्ति फ्रांस से मँगवाई गई थी। मूर्ति में मदर मैरी के अद्भुत स्वरूप का उकेरा गया ....