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अमन-प्रेम का पैगाम हज

इस्लाम के पाँच स्तंभों में से एक स्तंभ हज भी है। हैसियत वाले मुसलमान जिंदगी में एक बार हज करने जरूर जाते हैं। हज में विश्व से लाखों की संख्या में इस्लाम धर्म के अनुयायी एकत्रित होते हैं। हज विश्व के मुसलमानों का सबसे बड़ा इज्तिमा है। यहाँ से हाजी लोग प्यार-मोहब्बत, अमन-शांति का पैगाम लेकर अपने-अपने देश लौटते हैं। हज के बाद एक मुसलमान तमाम गुनाहों से पाक हो जाता है। 'हज' का अर्थ जियारत का इरादा करना है। कुछ तयशुदा दिनों में अल्लाह के घर काबा शरीफ की जियारत करने और अरफात के मैदान में कुछ इबादतें करने को हज कहते हैं। हज इस्लाम की एक महत्वपूर्ण इबादत है

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रमजान/ईद
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कुर्बानी का असल मकसद
ईद उल अजहा पर कुर्बानी दी जाती है। यह एक जरिया है जिससे बंदा अल्लाह की रजा हासिल करता है। बेशक अल्लाह को कुर्बानी का गोश्त नहीं पहुँचता है, बल्कि वह तो केवल कुर्बानी के पीछे बंदों की नीयत को देखता है। अल्लाह को पसंद है कि बंदा उसकी राह में अपना हलाल तरीके से कमाया हुआ धन खर्च करे। कुर्बानी का सिलसिला ईद के दिन को मिलाकर तीन दिनों तक चलता है। कुर्बानी का इतिहास- इब्रा‍हीम अलैय सलाम एक पैगंबर गुजरे हैं, जिन्हें ख्वाब....
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