इस्लाम के पाँच स्तंभों में से एक स्तंभ हज भी है। हैसियत वाले मुसलमान जिंदगी में एक बार हज करने जरूर जाते हैं। हज में विश्व से लाखों की संख्या में इस्लाम धर्म के अनुयायी एकत्रित होते हैं। हज विश्व के मुसलमानों का सबसे बड़ा इज्तिमा है। यहाँ से हाजी लोग प्यार-मोहब्बत, अमन-शांति का पैगाम लेकर अपने-अपने देश लौटते हैं। हज के बाद एक मुसलमान तमाम गुनाहों से पाक हो जाता है। 'हज' का अर्थ जियारत का इरादा करना है। कुछ तयशुदा दिनों में अल्लाह के घर काबा शरीफ की जियारत करने और अरफात के मैदान में कुछ इबादतें करने को हज कहते हैं। हज इस्लाम की एक महत्वपूर्ण इबादत है |