भादौ (भाद्रपद) माह की चतुर्थी यानी गणेश चतुर्थी। इस दिन से 10 दिवसीय गणेशोत्सव का प्रारंभ होता है। भगवान मंगलमूर्ति बुद्धि के देवता तो हैं ही, साथ ही उन्हें सौंदर्य का देवता भी कहा जाता है। गणेशजी के बारे में यह बात निर्विवाद रूप से कही जाती है कि आप गणेशजी को मन में स्मरण कर कहीं कैसी भी आड़ी-तिरछी रेखाएँ खींच दें तो उनका ही चित्र आकार लेने लगता है और उनको किसी भी कोण से देखिए- वे सुंदर ही लगते हैं। उनकी मूरत है ही मनमोहक।
गणेशजी को 'कर्ता' भी कहा गया है। इसका अर्थ यह है कि किसी भी मंगल कार्य का आरंभ उनको प्रथम पूजकर किया जाता है, क्योंकि वे 'सुखकर्ता' हैं ... |