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मुख पृष्ठ » धर्म-संसार » व्रत-त्योहार (Festivals )
 
गौतम बुद्ध ऐसे हैं जैसे हिमाच्छादित हिमालय। पर्वत तो और भी हैं। हिमाच्छादित पर्वत और भी हैं, पर हिमालय अतुलनीय है। उसकी कोई उपमा नहीं है। हिमालय बस...
 
 
 
 
प्राचीन काल में कश्यप नामक एक राजा थे। उनकी पत्नी का नाम दिति था। उनके दो पुत्र हुए, जिनमें से एक का नाम हरिण्याक्ष तथा दूसरे का हिरण्यकशिपु था। हिरण्याक्ष को...
 
 
 
श्रीमत्पयोनिधिनिकेतन चक्रपाणे भोगीन्द्रभोगमणिरंजितपुण्यमूर्ते।योगीश शाश्वतशरण्यभवाब्धिपोतलक्ष्मीनृसिंहममदेहिकरावलम्बम॥1॥
 
 
 
 
अधिक मास में दो एकादशी होती है जो पद्मिनी एकादशी (शुक्ल पक्ष) और परमा एकादशी (कृष्ण पक्ष) के नाम से जानी जाती है। ऐसा श्रीकृष्ण ने अर्जुन से कहा है। भगवान...
 
 
 
पूर्व समय में उल्कामुख नाम का बुद्धिमान राजा था। वह जितेन्द्रिय एवं सत्यवादी था। वह नित्य देवालयों में जाता और दान-दक्षिणा द्वारा ब्राह्मणों को संतुष्ट रखता था। उसकी...
 
 
 
 
पूर्व जन्मों में महावीर एक संसारी जीव मात्र थ। वे न तो 'अमरत्व के अधीश्वर' थे और न सच्चिदानंद स्वरूप, अरूप, अव्यक्त, अनाम, अनंत, निर्विकल्प, निरवयव तथा देशकाल...
 
 
 
नानक ने एक अनूठे धर्म को जन्म दिया है, जिसमें गृहस्थ और संन्यासी एक हैं और वही आदमी अपने को सिख कहने का हकदार है, जो गृहस्थ होते हुए संन्यासी हो,...
 
 
 
 
त्रेता युग के प्रारंभ में श्री विष्णु ने धूलि वंदन किया, इसका अर्थ यह है कि 'उस युग में श्री विष्णु ने अलग-अलग तेजोमय रंगों से अवतार कार्य का आरंभ किया। धूलि वंदन के...
 
 
 
रमजान माह की इबादतों और रोजे के बाद जलवा अफरोज हुआ ईद-उल फितर का त्योहार खुदा का इनाम है, मुसर्रतों का आगाज है, खुशखबरी की महक है, खुशियों का...