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पुण्य फलदायी है मोहिनी एकादशी, पढ़ें पौराणिक व्रतकथा, आरती एवं महत्व

बुधवार,अप्रैल 25, 2018
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हिरण्यकशिपु का शासन बहुत कठोर था। देव-दानव सभी उसके चरणों की वंदना में रत रहते थे। भगवान की पूजा करने वालों को वह कठोर ...
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भगवान नृसिंह विष्णुजी के सबसे उग्र अवतार माने जाते हैं। उनकी पूजा-आराधना यश, सुख, समृद्धि, पराक्रम, कीर्ति, सफलता और ...
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वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को नृसिंह जयंती व्रत किया जाता है। वर्ष 2018 में यह व्रत 28 अप्रैल, शनिवार को ...
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संसार में आकर मनुष्य केवल प्रारब्ध का भोग ही नहीं भोगता अपितु वर्तमान को भक्ति और आराधना से जोड़कर सुखद भविष्य का ...
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बौद्ध धर्म को भला कौन नहीं जानता। बौद्ध धर्म भारत की श्रमण परंपरा से निकला महान धर्म दर्शन है जिसके संस्थापक भगवान ...
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इस वर्ष सीता नवमी 24 अप्रैल 2018, मंगलवार के दिन मनाई जा रही है। मंगलवार के दिन आने वाली सीता नवमी के पूजन का समय और ...
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मारवाड़ क्षेत्र में एक वेदवादी श्रेष्ठ धर्मधुरीण ब्राह्मण निवास करते थे। उनका नाम देवदत्त था। उन ब्राह्मण की बड़ी सुंदर ...
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सारे ब्रह्मांड की शक्ति मिलकर भी इनका मुकाबला नहीं कर सकती। शत्रु नाश, वाक सिद्धि, वाद-विवाद में विजय के लिए देवी ...
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छोटे बच्चे नाजुक होते हैं। मां बगलामुखी का यह रक्षा मंत्र और प्रयोग विधि उन्हें हर संकट से बचाता है।
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मां बगलामुखी यंत्र चमत्कारी सफलता तथा सभी प्रकार की उन्नति के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है। कहते हैं इस यंत्र में इतनी ...
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बगलामुखी साधना के दौरान हवन में दूधमिश्रित तिल व चावल डालने पर धन, संपत्ति और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है।
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हिन्दू धर्म में व्यक्ति को समाधी देने या दाह संस्कार दोनों की ही परंपरा है, जो कि शास्त्र सम्मत है। समाधी उसे दी जाती ...
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वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को गंगा सप्तमी कहा जाता है। इस वर्ष ये तिथि 22 अप्रैल 2018, रविवार को मनाई जा ...
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कार्तिक मास के उजले और चैत्र के अंधेरे की पक्ष जो द्वितीया होती है, वह यम द्वितीया कहलाती है। युधिष्ठिरजी बोले- उस ...
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अक्षय तृतीया पर कुंभ का पूजन व दान अक्षय फल प्रदान करता है। धर्मशास्त्र की मान्यता अनुसार यदि इस दिन...
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जैन धर्म में अक्षय तृतीया का विशेष महत्व है। इसी दिन जैन धर्म के पहले तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव का प्रथम आहार हुआ था, उस ...
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पुराणों के अनुसार अक्षय तृतीया के दिन सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान, दान, जप, स्वाध्याय आदि करना शुभ फलदायी माना जाता है ...
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यदि तृतीया मध्याह्न से पहले शुरू होकर प्रदोष काल तक रहे तो श्रेष्ठ मानी जाती है। इस दिन जो भी शुभ कार्य किए जाते हैं, ...
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कष्ट हमारे कर्मफल हैं तथा जन्म कुंडली में कर्म का दर्पण है। अत: यह जानकर किसी योग्य विद्वान से सलाह लेकर क्या और कौन से ...
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