वर्ष 2012 : बढ़ेगी भारत की चमक

राष्ट्र की कुंडली में लग्न का स्वामी बुध पराक्रम भाव में राहु के साथ स्थित है। यह समय सत्तापक्ष तथा विपक्ष के बड़े टकराव को दर्शा रहा है। लग्नेश का पराक्रम भाव में होना सुदृढ़, स्वच्छ तथा एक उन्नत भारत बनाना है। लग्न की चंद्रमा पर पूर्ण दृष्टि है अतः कुछ और नेता बेनकाब होंगे। चंद्रमा महिला के वर्चस्व को भी दर्शा रहा है। महिलाओं का वर्चस्व और बढ़ेगा।

Widgets Magazine

वर्ष 2012 और राहुल गांधी के सितारे

वर्ष 2012 राहुल गांधी के लिए सावधानीपूर्वक रहने का है। वर्ष में मुख्य ग्रह शनि तुला में चल रहा है। गुरु मेष में है, राहु वृश्चिक में, केतु वृषभ ...

वार्षिक भविष्य : नए साल के नए सितारे

अश्विनी, भरणी और कृतिका नक्षत्र के प्रथम चरण से मेष राशि का निर्माण हुआ है। मेष राशि का स्वामी मंगल ग्रह है। यह अग्नि तत्व वाली राशि है। इस राशि ...

वर्ष 2012 और आपका मूलांक

अगर आपका मूलांक 1 है तो उसका स्वामी सूर्य है। सूर्य के मित्र बुध, गुरु, मंगल है। वर्ष का अंतिम अंक 12 है जो जोड़ने से 3 आता है। तीन का स्वामी ...

नए साल में चार रोमांचक ग्रहण

नए साल 2012 में दुनिया को ग्रहण के चार रोमांचक दृश्य दिखाई देंगे। वहीं एक दुर्लभ खगोलीय घटना के दौरान शुक्र किसी गेंद की तरह, लेकिन धीरे-धीरे ...

साल 2012 और बारह राशि

जानिए वर्ष 2012 का राशि भविष्य। कोई भी परेशानी होने पर नए वर्ष में राशिनुसार करें शुभता के उपाय।

भारत : मूलांक तीन और नया वर्ष

वर्ष 2012 का मूल अंक 12 को जोड़ने से तीन आता है। यही इस वर्ष का मूल अंक भी है, इसमें सन्‌ का जोड़ नहीं किया गया है। लेकिन यदि सारे अंकों को ...

सूर्य की राशि में मंगल और बारह राशियां

मंगल यूं तो लगभग एक माह दस दिन एक राशि पर विराजमान रहता है। लेकिन कभी-कभी इसका ठहराव किसी भी राशि पर महीनों तक रहता है। इस बार मंगल का ठहराव ...

Widgets Magazine

नवीनतम

हर प्रकार की सिद्धि दिलाता है गणेश गायत्री मंत्र...

बुधवार के दिन श्रीगणेश की विशेष मंत्रों से पूजा अत्यंत फलदायी मानी गई है। विघ्न और संकटों से बचाकर ...

अवश्य पढ़ें पावन गायत्री स्तोत्र

सुकल्याणीं वाणीं सुरमुनिवरैः पूजितपदाम, शिवाम आद्यां वंद्याम त्रिभुवन मयीं वेदजननीं। परां शक्तिं ...

Widgets Magazine