इस माह मेष राशि में शुक्र रहने से धन्य धान्य महँगे होंगे एवं पशुओं पर पीड़ा होने की संभावना बनती है। वर्षा पर्याप्त होने के योग बनते हैं। मेष राशि में बुध रहने से पशु महँगे होंगे एवं स्वर्ण के भाव स्थिर होंगे। 5 जून से बुध वृषभ राशि में प्रवेश करेगा। इसके प्रभाव से पृथ्वी पर कलह होने की संभावना है एवं लोगों को अत्यंत भय उत्पन्न होगा। 2 जून को इस माह गंगा दशहरा है।
इस दिन गंगा स्नान करना चाहिए। यदि स्नान गंगाजी में न हो सके तो व्रत एवं गंगा पूजन करना चाहिए। कुछ भागों में रक्तपात एवं अशांति होगी। 16 जून को बुध रोहिणी में प्रवेश करेगा। इसके फलस्वरूप तिल, सूत, कपास महँगे होंगे। 14 जून को सूर्य मिथुन राशि में प्रवेश करेगा। इसके प्रभाव से दक्षिण तथा पश्चिम के देशों में दुर्भिक्ष अशांति आदि का भय रहता है।
उत्तर के देशों में युद्ध आदि का भय एवं पूर्व के देशों में सुभिक्ष आदि का सुख होता है। 29 जून मंगल को कृत्तिका नक्षत्र में प्रवेश करने से देश भंग होगा अर्थात तकलीफ होगी तथा तपस्वियों को पीड़ा होगी। सप्तमी अर्थात 28 जून को बुध मिथुन राशि में प्रवेश करेगा, इसका प्रभाव पशु पर पड़ेगा। इसी के साथ पर्वत का वेग रहेगा एवं बादल बने रहेंगे।
सूर्य एवं भौम स्थिति के कारण लोग गर्मी से ग्रस्त रहेंगे। कुछ भागों में आँधी-तूफान एवं गर्म हवाओं से लोगों को भारी कष्ट होगा। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्यप्रदेश, झारखंड, उड़ीसा, राजस्थान, छत्तीसगढ़ प्रदेशों में लोग गर्मी के कारण परेशान रहेंगे। इसी के साथ कुछ भागों में भारी जलसंकट का सामना करना पड़ेगा। जनजीवन अस्तव्यस्त रहेगा। धरती पर सौम्य एवं सुख का अभाव रहेगा। इस माह गंगा दशहरा होने से मनुष्य ने जल की कामना करते हुए इस मंत्र का जाप करना चाहिए। (विशेषकर 2 जून को)