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गुरु बचाएँगे शनि प्रकोप से

8 सितंबर से गुरु होंगे मार्गी

8 सितंबर मार्गी
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शनि दोष से पीडि़त लोगों को समस्याओं से घबराने की जरूरत नहीं, जल्द ही उन्हें बृहस्पति (गुरु) झंझटों से राहत दिलाएँगे। अब तक उल्टी चाल से चल रहा गुरु 8 सितंबर से मार्गी हो रहा है। इससे न सिर्फ शनि का प्रकोप झेल रहे लोगों को बल्कि जिनकी कुंडली में गुरु शुभ स्थिति में है उन्हें भी फायदा पहुँचेगा।

सिद्घ विजय पंचांग के अनुसार 9 मई से वक्री हुआ गुरु 8 सितंबर को सुबह 9 बजकर 56 मिनट से सीधी चाल चलने लगेगा। इससे उन लोगों को सबसे ज्यादा राहत महसूस होगी जो अब तक शनि दोष के कारण परेशानियाँ झेल रहे हैं।
  शनि दोष से पीडि़त लोगों को समस्याओं से घबराने की जरूरत नहीं, जल्द ही उन्हें बृहस्पति (गुरु) झंझटों से राहत दिलाएँगे। अब तक उल्टी चाल से चल रहा गुरु 8 सितंबर से मार्गी हो रहा है।      


महाकाल ज्योतिष एवं अनुसंधान केंद्र के संस्थापक पं. कृपाशंकर व्यास का कहना है कि अब तक धनु राशि में स्थित वक्री गुरु की नौवीं दृष्टि शनि पर प़ड़ रही थी। चूँकि शनि पर गुヒ की नौवीं दृष्टि शुभ होती है इसलिए कार्यों में ヒकावट नहीं रहेगी।

पं. व्यास का कहना है कि जिनकी कुंडली में गुरु शुभ स्थिति में है उनके लिए समय अच्छा है। संपत्ति, सम्मान, सुख की प्राप्ति होगी।

जिनकी कुंडली में गुरु वक्री है या दोषग्रस्त है, उन्हें कुछ दिक्कतें महसूस हो सकती हैं।

धनु और मीन के लिए भी गुरु का मार्गी होना शुभ है। बाकी राशियों के लिए मिश्रित फलदायी रहेगा। जिन युवतियों के विवाह कार्य में बाधा आ रही है उन्हें राहत मिलेगी। ( -नप्र)