8 संकेत जो बताते हैं अब आपका रिश्ता बचाने लायक नहीं...

Author नम्रता जायसवाल| Last Updated: बुधवार, 2 मई 2018 (17:42 IST)
कभी-कभी रिश्ते से बाहर हो जाना सबसे अच्छा विकल्प होता है...
ऐसा कभी नहीं कहा गया कि संबध बनाना और निभाना आसान होता है। एक मजबूत रिश्ते को भी कई बाधाओं का सामना करना पड़ता है। लेकिन अगर आपका साथी ही तनाव का निरंतर स्त्रोत हो, आपकी भावनाओं को चोट पहुंचाता हो तो आपको अपने रिश्ते को लेकर जरुर सोचना चाहिए।
 
आखिर आपको कैसे पता चलेगा कि आपके रिश्ते के सुधरने की संभावना कम है और शायद अब रिश्ता वापस पहले की तरह कभी नहीं हो सकता! जब रिश्ते को बचाने का हर संभव प्रयास करने के बाद भी आप दोनों के बीच चीजें सुधरती नहीं दिख रही हों और जब आपको दिखे कि सारी कोशिशें एक तरफा हैं और आपका साथी रिश्ते को बचाने की कोई जिम्मेदारी नहीं लेता और न ही आपमें कोई रुझान दिखाता है।
 
विशेषज्ञों के अनूसार वैसे तो हर रिश्ता अलग होता हैं। सभी संबंधों की परिस्थितियां अलग-अलग होती हैं। लेकिन आमतौर पर कुछ ऐसे सामान्य संकेत हैं जिनके दिखने पर आपको यह समझ जाना चाहिए कि अब अपने रिश्ते  को बचाने कि सारी कोशिशें करना, सारी लड़ाई लड़ना केवल अपना समय बर्बाद करना ही है।
 
आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ संकेत जो आपके रिश्ते के लिए उत्साहजनक नहीं हैं...
 
1. आपके साथ दुर्व्यवहार
 
जब आपका साथी किसी भी कारण से आपको धक्का दे, गाली दे, दूसरों के सामने अपमानित करे, हाथ उठाए फिर चाहे ये सब किसी भी स्तर पर होता हो। आपका साथी आपको अपमानित करने के बाद ये कहें कि वह ऐसा करना नहीं चाहता था लेकिन ऐसा उससे हो जाता है। फिर कभी ये सफाई देता हो कि इसमें आपकी ही गलती है, उसका ये मतलब नहीं था, और आपको खुद को बदलना चाहिए क्योंकि आप ही अधिक संवेदनशील हैं। यदि वे आपके साथ भावनात्मक या शारीरिक रूप से दुर्व्यवहार करते हों तब आपको ऐसे रिश्ते से बाहर हो जाना चाहिए। आप सम्मान की हक़दार हैं इसलिए ऐसे रिश्ते  में आप उनकी सोच बदल नहीं सकती हैं।
 
2. रिश्ते के कारण आपने जीवन के अन्य क्षेत्रों में प्रगति करना बंद कर दिया हो
 
अगर आपका रिश्ता बचे रहने के लिए आपकी इतनी ज़्यादा भावनात्मक ऊर्जा व ध्यान मांगता हो कि आप किसी भी और काम में ध्यान नहीं लगा पा रही हों जैसे कि करियर, परिवार, आपके शौक... यह एक संकेत है कि रिश्ते के लिए लड़ना उचित नहीं हो सकता है। कुछ समझोते करना ठीक है लेकिन समझोते इतने भी न हो की आपको रिश्ते में घुटन होने लगे और लंबे समय के लिए अन्य क्षेत्रों में आपकी प्रगति प्रभावित नहीं होनी चाहिए। याद रहे व्यक्ति किसी से रिश्ता इसलिए बनाता है जिससे उसे भावनात्मक ऊर्जा, खूशी व ताकत मिले। लेकिन जब आपको रिश्ते में सारी उर्जा लगानी पड़े और कोई खुशी का कोई स्त्रोत न बचा हो, रिश्ता आपको कमजोर कर रहा हो, आपका आत्मविशवास खत्म होने लगे तब आप भीतर से खाली हो कर बाहरी दुनिया के क्षेत्रों में काम करने जाएगें तो वहां लगाने के लिए आपके पास ऊर्जा नहीं बची होगी।   
 
3. आप एकमात्र लड़ रही हैं
 
जब आपको लगे रिश्ते को बचाने की सारी कोशिशें केवल आप ही कर रही हैं। रिश्ते में रहने के लिए आप सबसे अकेले ही लड़ रही हैं। तब आप ये लड़ाई जीवनभर अकेले नही लड़ पाएंगी। वास्तविक रह कर सोचें। आपका साथी आपके बिना रह सकता है ऐसे में आप उसके साथ रहने के लिए कब तक लड़ेगी? चाहे आप सही हो और साथी गलत हो तब भी! कई बार सही होते हुए भी आपको भविष्य भांपते हुए कड़े निर्णय लेने होगें। एक समय सीमा तक आप जरुर रिश्ता बचाने के लिए लड़े लेकिन उसके सकारात्मक नतीजे न आने के बाद भी यदि आप अकेले ही लड़ती रहेंगी तो अंत में नुकसान केवल आपके समय, शारीरिक व मानसिक सेहत का ही होगा।
 
4. क्या आपका साथी रिश्ते की समस्याओं पर बात नहीं करना चाहता?
 
यदि आपका साथी रिश्ते के भीतर व्यक्तिगत मुद्दों या समस्याओं पर आपसे बात करने से इनकार करे, तो समझ जाना चाहिए वे बातें उनके लिए इतनी महत्वपूर्ण ही नहीं है और इसलिए वे उन पर बात करके अपना समय नष्ट नहीं करना चाहते। वे कभी समाधान व हल की तरफ जाना ही नहीं चाहते। इसका सीधा सा मतलब है कि वे रिश्ते को सूधारना नहीं चाहते हैं और न ही आपको किसी भी प्रकार से समय देना चाहते हैं। किसी समस्या को स सुलझाने के लिए उस पर चर्चा करना तो अनिवार्य है। अगर वे हमेशा ही आपसे समस्या पर बात करने को टालें तो ये रिशता लंबे समय तक टिकने का संकेत नहीं है।
 
5. जब आपके साथी को आपके साथ समय बिताने का मन न करें
     
जब आपका साथी ज्यादा समय बाहर बिताए व जब आप दोनों का समय हो तब भी कोई न कोई बहाना बना दे। कई बार हकीकत में उन्हें जरुरी काम हो सकते हैं कि वे व्यस्त हो गए हों लेकिन हमेशा ही ऐसा होने लगे तो इसका मतलब ये भी हो सकता है कि उनकी आपमें दिलचस्पी नहीं है। याद रहे चाहे व्यक्ति कितना ही व्यस्त हो, जिन लोगों में उसकी रुचि होती है, जिनके प्रति वे आकर्षित होते हैं व प्रेम करते हैं तब व्यस्तता में भी वे उनका ख्याल करना नहीं छोड़ सकते और अधिक समय तक उनसे दूरी बना कर नहीं रख सकते।  
 
6. आपके करीबी दोस्तों को आपके रिश्ते के बारे में संदेह है?
 
रिसर्च यह कहती है कि आपके करीबी दोस्त जिन्हें आपके रिश्ते के बारें में पता हो वे ज्यादा सही तरह से आपके रिश्ते को परख सकते हैं। वे बता सकते हैं कि आपका रिश्ता कहां तक जायगा। आप भावुक होते हैं जिस वजह से कई बार साफ दिखती चीजें भी आप को धुंधली दिखती है और आप सही फैसला नहीं कर पाते।
 
7. आपका साथी विश्वसनीय नहीं हो
 
जब आपका साथी बार-बार आपका भरोसा तोड़े, अपनी कही हुई बातों से हर बार पलट जाए तब आप उन पर भरोसा नहीं कर सकती हैं। कुछ मौके हर किसी को दिए ही जाने चाहिए लेकिन जिन बातों पर वे आपका विश्वास तोड़ते हैं, उन बातों से आपके जीवन पर होने वाले असर की गंभीरता भी मायने रखती है।
 
8. आपका साथी नियमित रूप से आपकी भावनाओं को अस्वीकार करता हो
 
यह एक उत्साहजनक संकेत नहीं है यदि आपका साथी आपकी भावनाओं, अनुभवों और दर्द को सुनने से ही इनकार कर देता हो। यदि कभी सुन भी ले तो आपके मन को समझने में असमर्थ हो। आपकी भावनाओं व जरुरतों के प्रति वे ठंडी प्रतिक्रिया देते हों तब आप खुद को अकेला महसूस करेगी। गुस्सा, निराशा व अवसाद में आप घिर जाएंगी। याद रहे व्यक्ति दोस्ती व रिश्ते अपनी भावनाओं, अनुभवों के आदान-प्रदान के लिए बनाता है। जब किसी रिश्ते  में ये निरंतर व समान रुप से न हो तो ऐसे रिश्ते  को ढ़ोने का कोई औचित्य नहीं है।

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