सुरक्षा को पुख्ता बनाएगा सॉफ्टवेयर
करीब दो साल पहले बंगलोर के एक कॉल सेंटर में कार्यरत 24 वर्षीय प्रतिभा श्रीकांत मूर्ति की हत्या के मामले ने आईटी-बीपीओ कंपनियों में महिलाओं की सुरक्षा पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया था।
ये मामला कर्मचारियों की सुरक्षा पर प्रश्नचिन्ह लगाने वाला कोई पहला नहीं है, बल्कि अकसर ही इस तरह की दहला देने वाली कई खबरें प्रकाश में आती हैं, जिन्हें सुनकर राष्ट्रीय और बहुराष्ट्रीय कंपनियों में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा पर सवालिया निशान लगाया जा सकता है।
ऐसे में कर्मचारियों विशेषकर महिला कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पेरॉट सिस्टम्स सॉल्युशन्स (चेन्नई) नामक आईटी कंपनी ने अपने कर्मचारियों के लिए खास प्रकार की सुरक्षा प्रणाली कार्यान्वित की है, जिससे उनके कर्मचारियों की सुरक्षा को और भी पुख्ता बनाया जा सके।
दरअसल पेरॉट सिस्टम्स एक ऐसे सुरक्षा तंत्र का उपयोग कर रही है, जिसमें रात की शिफ्ट में काम करने वाले कर्मचारियों को कंपनी की गाड़ियों में हाईटेक सुरक्षा तंत्र से जोड़ा जा सकता है।
कोलकता की ‘ऑटोप्ले सॉल्युशन्स’ और ‘एचआईडी- ग्लोबल’ द्वारा संयुक्त रूप से तैयार यह सुरक्षा सॉफ्टवेयर मुख्य रूप से कंपनी की गाड़ियों के चालक की स्थिति, जीआईएस नक्शे पर गाड़ी की स्थिति, गाड़ी की गति, गाड़ी के भीतर की परिस्थिति और मुसीबत में गाड़ी से बाहर निकलने की व्यवस्था को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
इस सुरक्षा तंत्र के बारे में पेरॉट सॉल्युशन्स के प्रबंध निदेशक (इन्श्योरेंस एंड बिजनेस प्रोसेस सॉल्युशन्स इंडिया) वर्द्धमान झा ने बताया कि चेन्नई एक ऐसा शहर है, जहाँ पर महिला कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर उनके अभिभावक बहुत चिंतित रहते हैं, जिससे देर रात की शिफ्ट करने के लिए हमें उनकी सुरक्षा को लेकर अधिक सचेत रहना पड़ता है। इसलिए हमने कंपनी के कर्मचारियों के सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए ऐसा कदम उठाया है, जिससे कर्मचारी निश्चिंत होकर रात में काम कर सकें।
इस सुरक्षा तंत्र की सबसे बड़ी खासियत है कि इसमें अंतरिक्ष विज्ञान, मोबाइल संचार सेवा और आरईएफआईडी सुरक्षा प्रणाली की विशेषताओं को कारगर ढंग से संयोजित किया गया है। इसके अंतर्गत इस सुरक्षा तंत्र की कुछ प्रमुख सुविधाएँ निम्नवत हैं-
• जीएसएम प्रणाली के तहत ऑनलाइन डाटा हस्तांतरण
• जीपीएस तकनीक के तहत स्थिति का विवरण
• वॉयस व एसएमएस संचार सेवा
• इंटीग्रेटेड रीडर द्वारा एचआईडी कार्ड की स्कैनिंग
• आपातकालीन सूचना हेतु बटन
• आपातकाल में गाड़ी को रोकने की व्यवस्था
फिलहाल इस कंपनी ने अपने 100 से अधिक वाहनों में इस प्रणाली को कार्यान्वित किया है, जो आईटी व बीपीओ क्षेत्र की कंपनियों में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा के क्षेत्र में एक सराहनीय पहल है।
ये मामला कर्मचारियों की सुरक्षा पर प्रश्नचिन्ह लगाने वाला कोई पहला नहीं है, बल्कि अकसर ही इस तरह की दहला देने वाली कई खबरें प्रकाश में आती हैं, जिन्हें सुनकर राष्ट्रीय और बहुराष्ट्रीय कंपनियों में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा पर सवालिया निशान लगाया जा सकता है।
ऐसे में कर्मचारियों विशेषकर महिला कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पेरॉट सिस्टम्स सॉल्युशन्स (चेन्नई) नामक आईटी कंपनी ने अपने कर्मचारियों के लिए खास प्रकार की सुरक्षा प्रणाली कार्यान्वित की है, जिससे उनके कर्मचारियों की सुरक्षा को और भी पुख्ता बनाया जा सके।
दरअसल पेरॉट सिस्टम्स एक ऐसे सुरक्षा तंत्र का उपयोग कर रही है, जिसमें रात की शिफ्ट में काम करने वाले कर्मचारियों को कंपनी की गाड़ियों में हाईटेक सुरक्षा तंत्र से जोड़ा जा सकता है।
कोलकता की ‘ऑटोप्ले सॉल्युशन्स’ और ‘एचआईडी- ग्लोबल’ द्वारा संयुक्त रूप से तैयार यह सुरक्षा सॉफ्टवेयर मुख्य रूप से कंपनी की गाड़ियों के चालक की स्थिति, जीआईएस नक्शे पर गाड़ी की स्थिति, गाड़ी की गति, गाड़ी के भीतर की परिस्थिति और मुसीबत में गाड़ी से बाहर निकलने की व्यवस्था को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
इस सुरक्षा तंत्र के बारे में पेरॉट सॉल्युशन्स के प्रबंध निदेशक (इन्श्योरेंस एंड बिजनेस प्रोसेस सॉल्युशन्स इंडिया) वर्द्धमान झा ने बताया कि चेन्नई एक ऐसा शहर है, जहाँ पर महिला कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर उनके अभिभावक बहुत चिंतित रहते हैं, जिससे देर रात की शिफ्ट करने के लिए हमें उनकी सुरक्षा को लेकर अधिक सचेत रहना पड़ता है। इसलिए हमने कंपनी के कर्मचारियों के सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए ऐसा कदम उठाया है, जिससे कर्मचारी निश्चिंत होकर रात में काम कर सकें।
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इस सुरक्षा तंत्र की सबसे बड़ी खासियत है कि इसमें अंतरिक्ष विज्ञान, मोबाइल संचार सेवा और आरईएफआईडी सुरक्षा प्रणाली की विशेषताओं को कारगर ढंग से संयोजित किया गया है। इसके अंतर्गत इस सुरक्षा तंत्र की कुछ प्रमुख सुविधाएँ निम्नवत हैं-
• जीएसएम प्रणाली के तहत ऑनलाइन डाटा हस्तांतरण
• जीपीएस तकनीक के तहत स्थिति का विवरण
• वॉयस व एसएमएस संचार सेवा
• इंटीग्रेटेड रीडर द्वारा एचआईडी कार्ड की स्कैनिंग
• आपातकालीन सूचना हेतु बटन
• आपातकाल में गाड़ी को रोकने की व्यवस्था
फिलहाल इस कंपनी ने अपने 100 से अधिक वाहनों में इस प्रणाली को कार्यान्वित किया है, जो आईटी व बीपीओ क्षेत्र की कंपनियों में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा के क्षेत्र में एक सराहनीय पहल है।
