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Written By ND

बीमा का आधार स्तंभ है- एजेंट

बीमा एजेंट
-विकास मिश्
जीवन बीमा में एजेंट से आशय फाइनेंशियल एडवाइजर है, जो बीमाधारक को उसकी वर्तमान एवं भविष्य की आय तथा वर्तमान एवं भविष्य के व्यय और जिम्मेदारी के अनुपात के आधार पर ली जाने वाली आवश्यक बीमा राशि की गणना बताता है। मूल रूप से बीमा एजेंट मानव जीवन मूल्य की गणना करने वाला तकनीकी रूप से प्रशिक्षित वित्तीय सलाहकार होता है।

बदलते परिवेश में आम जन-जीवन बीमा की आवश्यकता समझने लगा है। उसे शिक्षित बीमा एजेंट की जरूरत है। अतः पिछले कुछ वर्षों में बीमा बाजारों में प्रशिक्षित एजेंट्स की माँग तेजी से बढ़ी है।

जीवन बीमा व्यवसाय का बाजार एवं उसका भविष्य असीमित संभावनाओं से भरपूर है। वैश्वीकरण के पश्चात समाज में बढ़ती आय, आकर्षक वेतन, ऋण लेने की प्रवृत्ति ने जनसाधारण को भविष्य के प्रति सचेत करते हुए बीमा के प्रति जागृत किया है। इसके साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग से भी आज उपभोक्ता जीवन बीमा की आवश्यकता को तीव्रता से महसूस करता है।

आज बीमा प्राधिकरण (आईआरडीए), भारतीय जीवन बीमा निगम एवं निजी बीमा कंपनियाँ आदि मिलकर जीवन बीमा में विपणन, विज्ञापन और प्रोत्साहन द्वारा जनसाधारण में बीमा के प्रति जागरूकता उत्पन्न कर रहे हैं। जीवन बीमा व्यवसाय आरंभ से ही बीमा एजेंट के माध्यम से ही बीमा विक्रय करता रहा है। 1990 के बाद वैश्विक परिदृश्य बदलने से वित्तीय क्षेत्र में काम के अवसर बहुत तेजी से बढ़े हैं। विशेषकर जीवन बीमा के क्षेत्र में, जहाँ उत्पाद विक्रय प्रत्यक्ष रूप से एजेंट के माध्यम से किया जाता है।

वित्तीय वर्ष 2006-07 में जीवन बीमा कंपनियों द्वारा 61,468.5 करोड रुपए प्रथम प्रीमियम के रूप में एकत्रित किए गए हैं एवं पॉलिसी विक्रय का आँकड़ा 4,61,28,425 का रहा है। इस तीव्रता से बढ़ते हुए बाजार, जिसमें एजेंटों का महत्वपूर्ण योगदान है, के साथ ही नए एजेंटों के लिए असीमित अवसर भी हैं।
स्रोत: नईदुनिया अवसर
पॉलिसी विक्रय के आधार पर भारतीय जीवन बीमा का मार्केट शेयर 83 प्रतिशत है। आज इस क्षेत्र में सरकारी क्षेत्र की भारतीय जीवन बीमा के अतिरिक्त 15 निजी कंपनियाँ देश में कार्यरत हैं। मार्केट रिसर्च के अनुसार बाजार को 8 लाख से ज्यादा प्रशिक्षित नए अभिकर्ताओं की आवश्यकता है।

यदि आप उत्साही, ऊर्जावान एवं मिलनसार व्यक्तित्व के मालिक हैं और अच्छे संपर्क स्थापित करने में रुचि रखते हैं तो आप बीमा अभिकर्ता के रूप में कार्य करने के लिए उपयुक्त हो सकते हैं। एक एजेंट को मृदुभाषी एवं प्रभावी संप्रेषण कला का धनी होना चाहिए। बीमा एजेंट जीवन बीमा की बिक्री द्वारा अपने ग्राहकों को वित्तीय आवश्यकता की पूर्ति के लिए जीवन बीमा के उत्पाद खरीदने में सहायता करता है।

बीमा विक्रय को करियर के रूप में आरंभ किया जा सकता है। इस क्षेत्र में मिलने वाला आकर्षक कमीशन एवं एक बार बीमा विक्रय करने के पश्चात हमेशा मिलने वाली नियमित आय आपको इस करियर को चुनने में सहायक होती है। आपकी आय का निर्धारण आपके द्वारा किए गए व्यवसाय पर निर्भर है। जितना अधिक व्यवसाय करेंगे, उतनी अधिक आय प्राप्त होगी। इस क्षेत्र में उतरने वालों के लिए दो बातें विशेष महत्वपूर्ण हैं कि एक तो एजेंट किसी के अधीन कार्य नहीं करता है। दूसरा उसके कार्य क्षेत्र की कोई सीमा नहीं होती है।

वह भारत के किसी भी क्षेत्र या स्थान पर बीमा योग्य व्यक्ति का बीमा करने के लिए स्वतंत्र है। यदि आप अच्छा व्यवसाय करते हैं तो बीमा कंपनियाँ आपको और आगे बढ़ने के लिए अच्छे अवसर प्रदान करती है। भारतीय जीवन बीमा अपने एजेंटों को क्लब सदस्यता प्रदान करके स्थायित्व, सम्मान एवं उनके लिए अनेक सुविधाएँ जैसे कार्यालय, फोन, कार, लेपटॉप या कम्प्यूटर ऋण, गृह ऋण, मेडिक्लेम एवं फर्नीचर आदि की सुविधा प्रदान करती है। निजी कंपनियाँ भी इस क्षेत्र में अनेक अवसर उपलब्ध करा रही हैं।
स्रोत: नईदुनिया अवसर

एजेंट की नियुक्ति के लिए बीमा कंपनियों द्वारा गहन प्रशिक्षण दिया जाता है। बीमा उत्पाद, विक्रय कला, संप्रेषण माध्यम एवं प्रस्तुति, व्यक्तित्व निखार एवं कार्य शैली इत्यादि की ट्रेनिंग देकर बीमा विक्रय के लिए तैयार किया जाता है। इस कार्य को आरंभ करने के लिए उम्र एवं आय का बंधन नहीं है।

प्राइवेट नौकरी में कार्यरत या बेरोजगार विद्यार्थी, गृहिणी, सेवानिवृत्त कर्मचारी या अन्य व्यवसायरत व्यक्ति, मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव या वे सभी लोग, जो पूर्णकालिक या अंशकालिक समय देकर अपनी आय बढ़ाना चाहते हैं, अपना अतिरिक्त समय देकर इस कार्य को कर सकते हैं।

आपको अपने आसपास अनेक बीमा एजेंट मिलेंगे, जो इससे जुड़े हैं, किंतु इस समय बाजार में दक्ष एवं प्रशिक्षित व्यावसायिक एजेंट की आवश्यकता है।

इसलिए बीमा कंपनियों एवं बीमा प्राधिकरण प्रशिक्षण पर गहन जोर दे रहे हैं। प्रशिक्षित होकर एजेंट अपनी कार्यशैली से अपना व्यवसाय बढ़ा सकते हैं। एजेंट की नियुक्ति के लिए योग्यता- न्यूनतम 18 वर्ष पूर्ण एवं अधिकतम आयु की कोई सीमा नहीं है। शैक्षणिक योग्यता- शहरी क्षेत्र में न्यूनतम हायर सेकंडरी या 12वीं उत्तीर्ण या समकक्ष।

ग्रामीण क्षेत्र के लिए जहाँ जनसंख्या 5000 से कम है, वहाँ दसवीं उत्तीर्ण होना आवश्यक है। विकास अधिकारी के पद पर सीधी नियुक्ति भी समय-समय पर की जाती है। इसके लिए शैक्षणिक योग्यता स्नातक तथा आयु सीमा 30 वर्ष है। बीमा एजेंट को आयु में 15 वर्ष की छूट दी जाती है।

आईआरडीए के नियमानुसार नियुक्ति पूर्व 100 घंटे का प्रशिक्षण आवश्यक है। प्रशिक्षण के उपरांत भारतीय बीमा संस्थान द्वारा परीक्षा उत्तीर्ण करना जरूरी होता है। तत्पश्चात आपको प्रायोजित बीमा कंपनी द्वारा जारी बीमा करने का लाइसेंस प्रदान किया जाता है एवं आप भारत में कहीं भी बीमा करने के लिए स्वतंत्र रहेंगे। तो तैयार हो जाइए एक शानदार करियर जीवन बीमा एजेंट के रूप में आपकी प्रतीक्षा कर रहा है।

(लेखक : भारतीय जीवन बीमा निगम में विकास अधिकारी हैं)
स्रोत: नईदुनिया अवसर
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