सदैव याद रखें जीवन के 3 मूल सिद्धांत -गुरुनानक


- सतमीत कौर 
 
श्री देव जी ने जीवन के मूल सिद्धांत में मनुष्य को तीन काम विशेष रूप से करने के लिए कहे है। पहला: नाम जपना, दूसरा कीर्त करना (कमाई करना) और तीसरा वंड के छकना (बांट कर खाना)। 
 
* इन्सान के लिए सबसे पहला काम है परमेश्वर का नाम जपना, क्योंकि गुरु जी के अनुसार इन्सान को जन्म मिला ही परमेश्वर के नाम का जाप करने के लिए है। परमेश्वर के नाम का जपने से मन को शांति मिलती है। मन से अहम की भावना खत्म होती है। 
 
गुरु जी के अनुसार जो नाम का जाप नहीं करते उनका जन्म व्यर्थ चला जाता है। जिस प्रभु की हम रचना है उसे सदा याद रखना हमारा फर्ज है। गुरु जी के अनुसार प्रभु के नाम का जाप करना उतना ही जरुरी है जितना जीवित रहने के लिए साँस लेना। 
 
* दूसरा काम गुरु जी ने बताया है कीर्त करना मतलब, कमाई करना। प्रभु ने हमें जो परिवार दिया है उसका पालन करने के लिए हर इन्सान को धन की कमाई करनी चाहिए। पर खास ध्यान यहाँ इस बात का रखना है कि कमाई अपने हक़ की हो किसी और की कमाई को यानी पराए हक़ को नहीं खाना। 
 
किसी जीव को मार कर उस के जीने का अधिकार छीन लेना भी पराया हक़ मारना है। इस कमाई को करते-करते इस बात का ध्यान रखना है कि इन्सान का मुख्य काम नाम का जाप ही है। कमाई तो सिर्फ इन्सान की जरुरतों को पूरा करने के लिए है। 
 
*  तीसरा काम गुरु जी ने बताया है वंड छकना मतलब बांट के खाना। हर इन्सान को अपनी कमाई में से कम से कम दसवां हिस्सा परोपकार के लिए जरूर लगाना चाहिए। प्रभु ने इन्सान को बहुत से प्रकार की सुविधाएँ दी है उस में से इन्सान का फर्ज है कि वो भी तन, मन और धन से सेवा करें। पर सेवा करते समय उस के मन में किसी प्रकार का अहंकार ना आए। 
 
इस प्रकार श्री गुरु जी ने मनुष्य के जीवन के तीन सिद्धांत बताए है। नाम जपना, कीर्त करना और वंड के छकना। अपने जीवन को सफल बनाने के लिए हमें नानक देव के यह 3 सिद्धांत हमेशा याद रखने चाहिए।

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