मुख्य पृष्ठ >  विविध > वेबदुनिया विशेष 07 > गाँधी जयंती
Mahatma Gandhi
वैष्‍णव जण तो IFM
गाँधीजी को श्रद्धांजलि

महान व्‍यक्तियों और प्रतापी व्‍यक्तियों की कांस्‍य और मार्बल की प्रतिमा स्‍थापित की जाती है, लेकिन उस ईश्‍वरीय व्‍यक्ति ने अपने पूरे जीवनकाल में क्रांतिकारी प्रबंधन किए हैं, जोकि करोड़ों और करोड़ो लोगों के दिलों में रच-बस गए हैं, इसलिए हम सभी थोड़े-बहुत वैसे हो जाएँ जिससे वो बने थे, फिर भी अनंत का तुच्‍छ हिस्‍सा हैं। उनका विस्‍तार पूरे भारत में था, केवल जगहों पर या किसी चुनिंदा स्‍थानों पर, या एसेंबली में नहीं, लेकिन प्रत्‍येक गाँव में और उन दबे-कुचले लोगों के हृदय में और उन लोगों में जो दु:खी हैं। वो करोड़ों लोगों के दिलों में रहते हैं और हमेशा रहेंगे। ...वो चले गए, और पूरे देश की यही भावना है कि वो इसे सूना और उजाड़...

आगे पढें...  
गाँधी जयंती
Lal Bahadur Shastri
ND ND
 
शिशु हृदय और वज्र संकल्प वाला विराट व्यक्तित्व
धरती के लाल लालबहादुर शास्त्री ने बाइबिल की उक्ति -'विनम्र ही पृथ्वी के वारिस होंगे' को अपने राजनीतिक जीवन में साकार कर दिखाया। उनके विनम्र व्यक्तित्व में मानवीय संवेदनाओं के संदर्भ में आँसू बहाकर रो पड़ने वाला शिशु हृदय और जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान कीदगाबाजी की सजा देने के लिए भारतीय सेना को राष्ट्रीय सीमा पार करके पश्चिमी पाकिस्तान में घुस जाने का आदेश देने वाला वज्र संकल्प एक साथ मौजूद था। आज हर क्षेत्र में भ्रष्टाचार...
गाँधी का रमणीय वृक्ष और भारतीय शिक्षा
स्थानीयता में निहित वैश्विकता
मानव शरीर
मानव अधिकार के सच्चे प्रवर्तक
नेहरू के नाम बापू का पत्र
आज भी प्रासंगिक हैं गाँधी
गाँधी जयंती पर फोटोगैलरी
विविध
मोहनदास से महात्‍मा तक...
महासंग्राम का शंखनाद
मानव शरीर
नेहरू के नाम बापू का पत्र
बा के नाम बापू का पत्र
उपवास के अंतिम संध्या पर भाषण
कल, आज और कल
विराट हृदय और निस्पृह व्यक्तित्व
गाँधीजी की नजर में आध्यात्मिक प्रबंधन
सादगी और नम्रता के पर्याय थे शास्त्रीजी
लेखक के रूप में अप्रतिम थे गाँधीजी
और भी
पिछले सन्दर्भ
01
Oct