रूठी गर्लफ़्रेंड को मनाना हो तो चॉकलेट, प्यार का इजहार करना हो तो फूलों के साथ चॉकलेट गिफ्ट, रोते बच्चे को हसाना हो तो चॉकलेट... देखा कितने मर्जों की दवा है चॉकलेट। लेकिन सोचिए अगर हमें तीखी चॉकलेट खिलाई जाती तो? सोचिए अगर कोई पूछता कि क्या आप चॉकलेट पीना पसंद करेंगे? तो क्या होता... प्यार का इजहार शायद फिर कुछ तीखा हो गया होता।
हो सकता है, आप उसके प्रेम में इतना डूब जाएँ कि आपको अपना घर-संसार बेमानी लगने लगे। आखिर आप अपनी दोस्त को अपनी पत्नी से ज्यादा जानते हैं और आपने उसके साथ प्रेम करना सीखा है। उस खुशी और प्यार की भावना में बहना बहुत स्वाभाविक है लेकिन इससे क्या हासिल होगा।