मध्‍यप्रदेश बजट : एक नजर

पुनः संशोधित बुधवार, 1 मार्च 2017 (20:04 IST)
भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल और इंदौर में मेट्रो रेल परियोजना के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) स्वीकृति के लिए को भेज दी गई है। वित्तमंत्री जयंत मलैया ने बुधवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2017-18 का बजट पेश करते हुए यह जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि जबलपुर और ग्वालियर में मॉस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के लिए फिजीबिलिटी रिपोर्ट तैयार कराने के लिए निविदा प्रक्रिया प्रचलन में है।
स्मार्टसिटी योजना का जिक्र करते हुए मलैया ने कहा कि इसके प्रथम चरण में भोपाल, इंदौर और जबलपुर के चयन के बाद ग्वालियर और उज्जैन को भी इस योजना में शामिल किया गया है। सागर और सतना के नाम भी इसके द्वितीय चरण के लिए भेजे गए हैं।
 
उन्होंने कहा कि स्मार्टसिटी योजना के लिए बजट में 700 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री अधोसंरचना विकास कार्यक्रम के लिए 120 करोड़ रुपए का प्रावधान है। उद्योग की बात करते हुए वित्तमंत्री ने कहा कि आगामी वर्ष में 9 नए औद्योगिक क्षेत्रों में लगभग 2 हजार 625 हैक्टेयर जमीन पर अधोसंरचना विकसित करना प्रस्तावित है। इसके लिए 161 करोड़ रुपए का प्रावधान है। निवेश प्रोत्साहन के लिए भारी उद्योगों के लिए 663 करोड़ रुपए और लघु एवं मध्यम उद्योगों के लिए158 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है।
 
इसके साथ बजट के मुख्य प्रावधान इस प्रकार हैं-
* प्रधानमंत्री फसल बीमा के लिए 2,000 करोड़ रुपए।
* आरकेवीवाई योजना में 400 करोड़ रुपए।
* राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के लिए 305 करोड़ रुपए।
* माइक्रो इरिगेशन के लिए 140 करोड़ रुपए।
* पशुपालन विभाग की योजनाओं के लिए 1001 करोड़ रुपए।
* वन विभाग की योजनाओं के लिए 2704 करोड़ रुपए।
* निर्मल भारत अभियान के लिए 1750 करोड़ रुपए।
* महात्मा गांधी रोजगार योजना में 2000 करोड़ रुपए।
* राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए 633 करोड़ रुपए।
* पंचायतों के मूलभूत कार्यों के लिए 1127 करोड़ रुपए।
* 14वें वित्त आयोग की अनुशंसानुसार 2642 करोड़ रुपए।
* मुख्यमंत्री शहरी पेयजल योजना में 190 करोड़ रुपए।
* यूआईडीएसएसएमटी में 170 करोड़ रुपए।
* स्वच्छ भारत अभियान में 600 करोड़ रुपए।
* अमृत योजना में 700 करोड़ रुपए।
* राष्ट्रीय शहर आजीविका मिशन में 105 करोड़ रुपए।
* लाड़ली लक्ष्मी योजना में 972 करोड़ रुपए।
* सड़क एवं पुल निर्माण के लिए 5966 करोड़ रुपए।
* सड़क संधारण के लिए 1418 करोड़ रुपए।
* प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लिए 2850 करोड़ रुपए।
* मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं अधोसंरचना योजना में 400 करोड़ रुपए।
* राज्य ग्रामीण सड़क कनेक्टिविटी योजना में 186 करोड़ रुपए।
* शासकीय सिंचाई परियोजनाओं में पूंजीगत मद में 9850 करोड़ रुपए।
* समूह नल-जल योजनाओं के लिए 552 करोड़ रुपए।
* राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के लिए 900 करोड़ रुपए।
* भवन निर्माण के लिए स्कूल शिक्षा विभाग में 214 करोड़ रुपए और अनुसूचित जनजाति विभाग में 189 करोड़ रुपए।
* अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति एवं शिष्यवृत्ति के लिए 703 करोड़ रुपए, अनुसूचित जाति के लिए 740 करोड़ रुपए और पिछड़े वर्ग के लिए 850 करोड़ रुपए।
* विश्व बैंक परियोजना में महाविद्यालयों के भवन एवं छात्रावास निर्माण के लिए 200 करोड़  रुपए।
* राष्ट्रीय उच्च शिक्षा अभियान के लिए 215 करोड़ रुपए।
* उदय योजना के तहत विद्युत वितरण कंपनियों को 7361 करोड़ रुपए की अतिरिक्त सहायता।
* उदय योजना में 4622 करोड़ रुपए।
* अस्थायी कनेक्शनों को स्थायी कनेक्शन में परिवर्तित करने के लिए 4000 करोड़ रुपए।
* स्वरोजगार के लिए विभिन्न योजनाओं में 797 करोड़ रुपए।
* पुलिस बल के लिए 5850 करोड़ रुपए।
* पुलिस अंतर्गत निर्माण कार्य के लिए 402 करोड़ रुपए।
* न्यायालयीन अधोसंरचना निर्माण के लिए 150 करोड़ रुपए। (वार्ता)

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