आई एम सॉरी.... बस यही मंत्र है जो बचाएगा आपके रिश्तों को


कहते हैं कि किसी को माफ कर देना सजा देने से ज्यादा बड़ी बात होती है। सजा जहां रिश्ते में दरार लाती है तो माफी से बिगड़े रिश्ते भी बन जाते हैं। पति-पत्नी हो या प्रेमी-प्रेमिका दिल की गहराइयों से प्यार करते हैं तो 'माफी मांगना और माफ कर देना' दोनों के लिए बस यही एक मं‍त्र है।

थोड़ा सा दिल को बड़ा कीजिए
आपकी भावनाओं को आपके प्रेमी या पति ने ठेस पहुंचाई या आपका कोई बहुत बड़ा नुकसान किया तो सच में उसे माफ कर देना बहुत बड़ी बात होती है। किसी को माफ कर देना हर किसी के बस की बात नहीं होती। बहुत बड़ा दिल होना चाहिए। पति-पत्नी का रिश्ता बड़ा दिलचस्प होता है। जिससे आपका झगड़ा है उसी के साथ आपको रहना भी है। अत: दिल को बड़ा कीजिए। एकदूजे को सबक सीखाने की कसम खाने के बजाय प्यार से रहने का मंत्र जपिए। आपकी गलती हो ना हो बस कान में बोल दीजिए-सॉरी। थोड़ा मुश्किल है पर यह अचूक मंत्र है।

कल कर लेना झगड़ा
छोटी-छोटी बातों पर पति-पत्नी में बातचीत बंद हो जाया करती है। इन सबसे क्या मिलता है, कुछ नहीं। जब पता है कि हमें जीवन भर साथ रहना है तो थोड़ी देर के अबोले के बाद आप ही पहल कर दीजिए। यकीन मानिए रूठे साथी को मनाने का मजा ही कुछ और है। थोड़ा चैलेंजिंग है पर दिल से मनाएंगे तो दोनों को अच्छा लगेगा। बातचीत शुरू करें और धीरे से बोल दीजिए-सॉरी यार, कल कर लेना झगड़ा।

जाओ यार, माफ किया
जिस प्रकार किसी के मन बात पूरी कर देने से उसे खुशी मिलती है उसी प्रकार यदि आपके पार्टनर से कोई गलती हुई और दिल से उसे पछतावा है तो उसे माफ कर देने से भी हम उसे उतनी ही खुशी दे सकते हैं।
चाहे वह जुबान से ना कहे पर वह आपके काम सहजता से कर रहा है मतलब उसे समझौता चाहिए। जब दिल से साथी फील कर रहा है कि उसकी गलती है तो उसे सॉरी बोलने के लिए बाध्य मत कीजिए ना ही इंतजार। बल्कि अपने ईगो को थोड़ा सा ताक पर रखकर बोल दो- जाओ यार तुम भी क्या याद रखोगे, माफ किया।

आई एम सॉरी
अक्सर माफ कर देने या माफी मांग लेने से कोई भी बात आगे बढ़ने से बच जाती है। सुखी दांपत्य का तो आधार ही यही है कि जब एक पार्टनर गुस्सा हो तब तमाम 'तो-लेकिन-किंतु-परंतु-हमेशा' और सफाई को परे रख कर बस सिर्फ यही कहें-आई एम सॉरी, मेरी गलती है। इससे उस वक्त पार्टनर कूल होगा साथ ही कहीं ना कहीं उसके मन में यह बात भी रहेगी कि उसका साथी समझदार है झगड़े बढ़ाने के बजाय उसे खत्म करने को तरजीह देता है। यही बात प्यार के बंधन को मजबूत बनाती है।


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