होली 2018: कब है होली, जानिए होलिका दहन के शुभ पूजन मुहूर्त


इस बार होलिका दहन का मुहूर्त शाम 6.26 मिनट से लेकर 8.55 मिनट तक है
रंग, गुलाल से भरा मस्ती में रचा-बसा
मनमोहक पर्व है होली। इस वर्ष यह 2 मार्च 2018 को मनाया जाएगा अर्थात् 1 मार्च को होलाष्टक समाप्ति के साथ होलिका दहन होगा और 2 मार्च को रंगों के साथ त्योहार मनाया जाएगा।

क्या है होलिका पूजन मुहूर्त?


इस बार होलिका दहन का मुहूर्त शाम 6.26 मिनट से लेकर 8.55 मिनट तक है। होलिका से जुड़ी अलग-अलग परंपरा है। कहीं-कहीं होलिका की आग घर ले जाई जाती है। उस आग से घर में रोटी बनाने को शुभ माना जाता है।

भारत ही नहीं विदेशों में भी होली का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। होलिका दहन जिसे छोटी होली भी कहा जाता है, कई स्थानों पर इसे होलिका दीपक भी कहा जाता है। इसे होली से एक दिन पहले मनाया जाता है।
होली के त्योहार को बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में मनाया जाता है। कहा जाता है कि होली शब्द हिरण्याकश्यप की बहन होलिका के नाम पर पड़ा है। कहा जाता है कि होलिका के पास एक ऐसा कपड़ा था जिसे पहन पर आग में नहीं जलते थे। होलिका ने अपने भाई की बात मानते हुए हिरण्याकश्यप के बेटे प्रह्लाद को लेकर होलिका चिता पर बैठ गई थी। लेकिन भगवान विष्णु की कृपा से होली जल कर भस्म हो गई और प्रह्लाद का बाल भी बांका नहीं हुआ। तभी से इस त्योहार को बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में मनाया जाता है। इसके साथ ही इस त्योहार को प्रेम के त्योहार के रूप में लोग मनाते हैं। लोगों का मानना है कि इस दिन लोग आपस के मन मुटावों को भूलकर आपस में प्रेम भी भावना से आपस में मिलते हैं और अपने पुराने गिले शिकवों को भुला देते हैं।
होलिका दहन 2018: होलिका दहन पूजा और शुभ मुहूर्त

होलिका दहन मुहूर्त- 18:16 बजे से 20: 47 बजे (अवधि- 2 घंटे और 30 मिनट)
भद्र पच्छा- 15:54 से 16:58 अपराह्न
भद्र मुखा- 16:58 बजे से शाम 18:45 बजे

रंग वाली होली 2 मार्च 2018 को मनाई जाएगी।


वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।

और भी पढ़ें :

ज्योतिष के अनुसार मंगल की खास विशेषताएं, जो आप नहीं जानते ...

ज्योतिष के अनुसार मंगल की खास विशेषताएं, जो आप नहीं जानते होंगे...
ज्योतिष के अनुसार हर ग्रह की परिभाषा अलग है। पौराणिक कथाओं में नौ ग्रह गिने जाते हैं, ...

विवाह के प्रकार और हिंदू धर्मानुसार कौन से विवाह को मिली है ...

विवाह के प्रकार और हिंदू धर्मानुसार कौन से विवाह को मिली है मान्यता, जानिए
शास्त्रों के अनुसार विवाह आठ प्रकार के होते हैं। विवाह के ये प्रकार हैं- ब्रह्म, दैव, ...

कृष्ण के 80 पुत्रों का रहस्य, साम्ब के कारण हुआ मौसुल युद्ध

कृष्ण के 80 पुत्रों का रहस्य, साम्ब के कारण हुआ मौसुल युद्ध
भगवान श्रीकष्ण ने आठ महिलाओं से विधिवत विवाह किया था। इन आठ महिलाओं से उनको 80 पुत्र मिले ...

गुलाब का एक फूल बदल सकता है जीवन की दिशा, जानिए 10 रोचक ...

गुलाब का एक फूल बदल सकता है जीवन की दिशा, जानिए 10 रोचक टोटके
हम आपके लिए लाए हैं सुंगधित गुलाब के फूल के कुछ ऐसे उपाय या टोटके जिन्हें आजमाकर आप अपने ...

आखिर क्यों होती हैं हमारे कामों में देरी, जानिए, क्या कहता ...

आखिर क्यों होती हैं हमारे कामों में देरी, जानिए, क्या कहता है ज्योतिष
जानते हैं कि जन्मपत्रिका में वे कौन सी ऐसी ग्रहस्थितियां व ग्रह होते हैं जो कार्यों में ...

रावण की पत्नी मंदोदरी ने क्यों किया वि‍भीषण से विवाह?

रावण की पत्नी मंदोदरी ने क्यों किया वि‍भीषण से विवाह?
पुलस्त्य ऋषि के पुत्र और महर्षि अगस्त्य के भाई महर्षि विश्रवा ने राक्षसराज सुमाली और ...

ऐसे दें अपने घर को एस्ट्रो टच

ऐसे दें अपने घर को एस्ट्रो टच
घर सजा कर रखना किसे पसंद नहीं होता लेकिन यदि घर कि सजावट ज्योतिष व एस्ट्रो के अनुरुप हो ...

गायत्री मंत्र का सरल और गोपनीय अर्थ हिन्दी में, खास आपके ...

गायत्री मंत्र का सरल और गोपनीय अर्थ हिन्दी में, खास आपके लिए...
समस्त धर्म ग्रंथों में गायत्री की महिमा एक स्वर से कही गई। समस्त ऋषि-मुनि मुक्त कंठ से ...

गायत्री जयंती : कौन हैं गायत्री माता, कैसे हुआ अवतरण, विवाह ...

गायत्री जयंती : कौन हैं गायत्री माता, कैसे हुआ अवतरण, विवाह और महिमा
मां गायत्री की कृपा से ब्रह्मा जी ने गायत्री मंत्र की व्याख्या अपने चारों मुखों से चार ...

करोड़ पल सोने के दान का फल देती है निर्जला एकादशी, पढ़ें ...

करोड़ पल सोने के दान का फल देती है निर्जला एकादशी, पढ़ें पौराणिक व्रत कथा...
निर्जला एकादशी व्रत की कथा इस प्रकार है- भीमसेन व्यासजी से कहने लगे कि हे पितामह! भ्राता ...

राशिफल