हिन्दी : विशाल जनसमूह की भाषा

-अशोक कुमार शेरी

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* राष्ट्रभाषा के बिना राष्ट्र गूँगा है। राष्ट्र के गौरव का यह तकाजा है कि उसकी अपनी एक राष्ट्रभाषा हो। कोई भी देश अपनी राष्ट्रीय भावनाओं को अपनी भाषा में ही अच्छी तरह व्यक्त कर सकता है।

* भारत में अनेक उन्नत और समृद्ध भाषाएँ हैं किंतु हिन्दी सबसे अधिक व्यापक क्षेत्र में और सबसे अधिक लोगों द्वारा समझी जाने वाली भाषा है।
* हिन्दी केवल हिन्दी भाषियों की ही भाषा नहीं रही, वह तो अब भारतीय जनता के हृदय की वाणी बन गई है।

* सर्वोच्च सत्ता प्राप्त भारतीय संसद ने देवनागरी लिपि में लिखित हिन्दी को राजभाषा के पद पर आसीन किया है। अब यह अखिल भारत की जनता का निर्णय है।

* संसार में चीनी के बाद हिन्दी सबसे विशाल जनसमूह की भाषा है।
* प्रांतों में प्रांतीय भाषाएँ जनता तथा सरकारी कार्य का माध्यम होंगी, लेकिन केंद्रीय और अंतरप्रांतीय व्यवहार में राष्ट्रभाषा हिन्दी में ही कार्य होना आवश्यक है।

* हिन्दी भाषा 'इंडो यूरोपियन' परिवार से संबंध रखती है।

* इसकी शाखा 'इंडिक' है।
* इस भाषा के उद्गम का महाद्वीप 'एशिया' व देश 'भारत' है।

* भारत देश में हिन्दी भाषा को अधिकृत रुप से उपयोग किया जाता है।

* 366,000,000 लोगों के लिए यह भाषा 'मातृभाषा' है वहीं इस भाषा को कुल 487,000,000 लोग उपयोग करते हैं।

* हिन्दी की वर्णमाला में 11 स्वर व 33 समस्वर हैं।
* हिन्दी की देवनागरी लिपि को प्राचीन ब्राह्मी से लिया गया है इसका गुजराती व बँगाली जैसी भारतीय लिपियों से घनिष्ठ संबंध है।

* हिन्दी की ढेरों बोलियाँ है जिसमें निमाड़ी, बुंदेलखंडी, खड़ीबोली आदि शामिल है।

* वर्तमान में हिन्दी साउथ एशिया (भारत, पाकिस्तान, नेपाल व भूटान), साउथ अफ्रीका, मॉरीशस, यूएसए, कनाडा, फिजी, युगांडा, गुएना, ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया, न्यूजीलेंड, सिंगापुर जैसे देशों में भी व्यापक स्तर पर बोली जा रही है।
* हिन्दी भाषा को फारसी, अरेबिक, अंगरेजी, पॉट्यूगिस जैसी भाषाएँ भी प्रभावित करती हैं।

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