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श्रद्धा : श्रवण कुमार का नारी स्वरुप

28 सितंबर से स्टार प्लस पर

श्रद्धा
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विभिन्न विषय वस्तुओं पर आधारित कार्यक्रमों का विस्तार करते हुए स्टार प्लस त्योहारों के मौसम में अर्ली टाइम सेगमेंट में एक नए शो ‘श्रद्धा - एक बेटी का विश्वास बना माता-पिता की आस’ का प्रसारण प्रारंभ करने जा रहा है। 28 सितंबर से प्रारंभ होने वाले इस शो का प्रसारण प्रत्येक सप्ताह सोमवार से शुक्रवार शाम 7 बजे किया जाएगा।

साप्ताहिक कार्यक्रमों में नवीनता एवं नई उर्जा का संचार करने वाला स्टार प्लस का यह नया धारावाहिक ‘श्रद्धा’ पौराणिक चरित्र श्रवण कुमार का नारी रुपांतरण है। कहानी का ताना-बाना वर्तमान समय और आधुनिकता के परिप्रेक्ष्य में बुना गया है। दर्शकों के साथ भावनात्मक सूत्र में बँधने के लिए तैयार श्रद्धा, एक असाधारण लड़की और उसके धैर्य एवं विश्वास की कहानी है।

इस स्वार्थी दुनिया में उसे अपने माता-पिता की उम्मीदों एवं सपनों को पूरा करने का रास्ता ढूँढना पड़ता है। विषम परिस्थितियों पर विजय प्राप्त करने वाली श्रद्धा का चरित्र महान है। वह अपने माता-पिता और ईश्वर के प्रति पूर्ण समर्थन तथा स्नेह की भावना प्रदर्शित करती हुई विश्वास से परिपूर्ण जीवन जीती है।

विश्वास और उत्तरदायित्व के बोध से भरी श्रद्धा की कहानी एक ऐसी सरल लड़की की कहानी है जो जीवन में आने वाली कठिनाइयों और चुनौतियों को स्वीकार करती है, खासकर जब इसके तीन भाई अपनी जिम्मेदारियों से मुँह मोड़ लेते हैं।

श्रद्धा, प्रेम और दृढ़ता का प्रतीक है, जो अपने ‍बीमार पिता और नेत्रहीन माँ की चार धामों की यात्रा के स्वप्न को महसूस करती है और उनकी इस इच्छा को पूर्ण करने के लिए सारी कठिनाइयों पर विजय प्राप्त करते हुए आगे बढ़ती है।
इस शो की परिकल्पना के विषय में बताते हुए सिद्धांत सिनेविजन लिमिटेड के निर्माता मनीष आर. गोस्वामी कहते हैं ‘मैं समझता हूँ कि आज परिवार की बेटियाँ हर प्रकार से बेटों के समकक्ष हैं। श्रद्धा के माध्यम से एक ऐसे चरित्र की प्रस्तुति की जा रही है जो अपने भाइयों के मुँह मोड़ लेने के बावजूद अपने माता-पिता के प्रति अपने उत्तरदायित्व को महसूस करती है और उसे पूरा करने के लिए गहरी प्रतिबद्धता दिखाती है। श्रद्धा एक मर्मस्पर्शी और भावुकता से परिपूर्ण शो है और मुझे पूर्ण विश्वास है कि परिवार के सभी सदस्य अपने आपको इस शो से गहराई से जोड़ सकेंगे।‘

स्टार इंडिया प्रा.लि. के सीनियर क्रिएटिव डॉयरेक्टर विवेक बहल कहते हैं ‘श्रद्धा एक और अनूठी तथा नवीन परिकल्पना है। हम सभी श्रवण कुमार के चरित्र से भली-भाँति परिचित हैं और श्रद्धा इसका नारी रुपांतरण है। यह आज के परिप्रेक्ष्य में बहुत प्रासंगिक है, जहाँ महिलाएँ परिवार में सशक्त और प्रभावशाली भूमिकाएँ निभा रही हैं।‘

इस शो में नेहा जनपंडित (श्रद्धा), सुधीर दलवी (जगदीश जायसवाल) और सुकन्या कुलकर्णी (लक्ष्मी जायसवाल) प्रमुख भूमिकाएँ निभा रहे हैं।
लेखक के बारे में
समय ताम्रकर
समय ताम्रकर फिल्म समीक्षक हैं, जो फिल्म, कलाकार, निर्देशक, बॉक्स ऑफिस और फिल्मों से जुड़े पहलुओं पर गहन विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं।.... और पढ़ें