' बालिका वधू' में आनंदी का किरदार निभाकर अविका गौर आज एक लोकप्रिय नाम बन चुकी हैं। 7 वीं कक्षा की विद्यार्थी अविका ने राजकुमार आर्यन, फिर कोई है, मेरी आवाज को मिल गई रोशनी, चलती का नाम गड्डी, करम अपना-अपना जैसे धारावाहिकों में अभिनय कर चुकी हैं। स्कूल से छुट्टी होने के बाद वे दोपहर दो बजे तक सेट पर पहुँचती हैं और मेकअप के बाद तीन बजे से उन पर शॉट फिल्माए जाते हैं। चार से पाँच घंटे तक वे अभिनय करती हैं। आत्मविश्वास उनमें कूट-कूट कर भरा हुआ है और हर सवाल का जवाब वे पूरी सहजता और विश्वास से देती हैं। 'बालिका वधू' के सेट पर अविका से हुई बातचीत के प्रमुख अंश :कम उम्र में ही आप लोकप्रिय हो गई हैं। कैसा लगता है?बहुत अच्छा लगता है। जहाँ भी मैं जाती हूँ, लोग मुझे पहचान जाते हैं और प्यार करते हैं।क्या स्कूल में सब आपको विशेष मानते हैं?ऐसी बात तो नहीं है। लेकिन सब मुझसे दोस्ती करना चाहते हैं। छोटी मिर्ची, बिंदनी, चुहिया जैसे नामों से मुझे पुकारा जाता हैं, जिनमें टीचर भी शामिल हैं। ' बालिका वधू' धारावाहिक कैसे मिला?मैं कई धारावाहिकों में काम कर चुकी हूँ। मेरी प्रतिभा को देख इस धारावाहिक के ऑडिशन के लिए मुझे बुलाया गया और अवसर मिल गया। क्या आप आनंदी जैसी है?मैं और आनंदी बहुत कुछ एक जैसे हैं। मुझे भी उसकी तरह ज्यादा बातचीत करना पसंद है। मैं भी खूब प्रश्न पूछती हूँ। फर्क इतना है कि वो शादीशुदा है और मैं नहीं।क्या आनंदी का किरदार निभाना मुश्किल लगता है? यह किरदार तो मेरे जैसा है, इसलिए इसे निभाना आसान है।पढ़ाई और अभिनय साथ-साथ कैसे करती हो?स्कूल से छुट्टी होने के बाद सेट पर आती हूँ। बीच में काफी समय मिलता है, जिसमें मैं अपना होमवर्क करती हूँ। पढ़ाई पर पूरा ध्यान देती हूँ और 6ठी कक्षा में मुझे 'ए' ग्रेड मिला है। क्या ऐसा नहीं लगता कि दूसरे बच्चों को जो खेलने का मौका मिलता है, वो आपको नहीं मिल पा रहा है? सेट पर हम सारे खेल खेलते हैं।इतने लंबे संवाद कैसे याद करती हो?मुझे एक दिन पहले संवाद मिल जाते हैं, इसलिए कोई परेशानी नहीं होती।क्या दादी से डर लगता है?दादी अच्छी नहीं है, लेकिन सुरेखा आंटी बहुत प्यारी है। वे हमेशा मुझे प्यार करती हैं। अभिनय के बारे में बताती हैं। सुना है कि आप मिस यूनिवर्स बनना चाहती हैं?सही सुना है और मैं बनकर रहूँगी। आप कौन-कौन सी फिल्में कर रही हैं?' मार्निंग वॉक' और 'पाठशाला'।आपके शौक क्या है?नृत्य, तैराकी और कॉमिक्स पढ़ना। |