टेलीविजन अदाकारा श्रिति झा के अभिनय क्षमता को धारावाहिक शौर्य और सुहानी, ज्योति में बहुत अधिक सराहा गया है। पेश है श्रिति से बातचीत : आप एक ही समय में दो शो के टाइमिंग्स को कैसे मैनेज करती हैं, क्या यह आपके लिए बहुत अधिक मुश्किल नहीं होता है? मेरे लिए यह बहुत अधिक मुश्किल इसलिए नहीं है क्योंकि मेरे दोनों धारावाहिक एक ही प्रोडक्शन हाउस सफायर ऑरिजिन के हैं। इन दोनों की शूटिंग के टाइम शेड्यूल मेरे लिए बहुत अच्छे हैं इसलिए मुझे टाइम मैनेज करने में कोई खास समस्या नहीं होती है। इन दोनों शो में आपके किरदार अलग-अलग हैं। आपको इन दोनों में से कौन सा किरदार अधिक पसंद है? मुझसे यह प्रश्न मत पूछिए। मैं इतना ही कहना चाहूँगी कि 'सुधा' का किरदार मेरे जीवन के बहुत करीब है लेकिन इसका यह अर्थ कतई नहीं है कि मुझे 'सुहानी' का किरदार पसंद नहीं है। ये दोनों अलग-अलग प्रकार के किरदार हैं। सुधा बहुत ही अधिक डरपोक, शर्मीली व असुरक्षित है जबकि सुहानी जोशीली व कर्मठ है। वह घुड़सवारी करती है। दोनों किरदार एक-दूसरे के विपरीत हैं परंतु सुहानी का किरदार बहुत कुछ मेरे समान ही है। टेलीविजन इंडस्ट्री में आने के बाद आपकी जिंदगी में किस तरह का परिवर्तन आया? मेरी जिंदगी कुछ परिवर्तित जरूर हो गई है और अब मैं बहुत अधिक व्यस्त हो चुकी हूँ परंतु इसका अर्थ नहीं है कि मुझमें कोई बड़ा परिवर्तन आया है। मैं आज भी सभी के लिए पुरानी वाली श्रिति ही हूँ। क्या आपको यहाँ का काम करने का तरीका पसंद है?हाँ, मुझे टेलीविजन के कलाकारों की कार्यशैली व उनका कठिन परिश्रम करना बहुत अधिक अच्छा लगता है। हम महीने के तीसों दिन उसी उत्साह व ऊर्जा के साथ शूटिंग करते हैं तथा अपने दर्शकों का मनोरंजन करते हैं। मुझे पता है कि टेलीविजन के कलाकारों का काम थोड़ा थकाऊ होता है परंतु तभी तो लोग उनके काम की सराहना भी करते हैं। मुझे काम के प्रति यह समर्पण भाव अच्छा लगता है। यहाँ तक कि इस इंडस्ट्री में काम करके मैं भी अपने काम के प्रति पहले से बहुत ज्यादा गंभीर व समर्पित हो गई हूँ। लोग विक्रांत मैसे के साथ आपके संबंधों के बारे में बाते करते हैं। आप इस बारे में क्या कहना चाहेंगी? जहाँ तक मैं जानती हूँ हम दोनों के बीच कुछ नहीं है। हाँ, मैं विक्रांत की साथी जरूर हूँ और हम हर एक दिन छोड़कर बाहर घूमने जाते हैं परंतु यह केवल एक अच्छी दोस्ती है। इसका ये मतलब नहीं है कि हमारे बीच कुछ चल रहा है। |