1. धर्म-संसार
  2. व्रत-त्योहार
  3. एकादशी व्रत कथा
  4. dev uthani ekadashi in 2019

dev uthani ekadashi in 2019 : जानिए 5 खास बातें, जरूरी है पालन करना

dev uthani ekadashi in 2019
भगवान विष्णु आषाढ़ शुक्ल एकादशी को चार माह के लिए सो जाते हैं और कार्तिक शुक्ल एकादशी को जागते हैं। इस एकादशी के दिन से चतुर्मास का अंत भी हो जाता है। इसीलिए कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवउठनी एकादशी कहा जाता है। इसे हरि प्रबोधिनी एकादशी और देवोत्थान एकादशी भी कहा जाता है।
 
 
1.इस दिन से मांगलिक कार्य प्रारंभ होते हैं : चतुर्मास में देवशयन के कारण समस्त मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं। जब देव जागते हैं तभी कोई मांगलिक कार्य संपन्न प्रारंभ होता है। चतुर्मास में किसी भी प्रकार के मांगलिक कार्य नहीं करना चाहिए।
 
 
2.इस दिन व्रत रखते हैं : इस दिन उपवास रखने का विशेष महत्व है। कहते हैं इससे मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस दिन निर्जल या केवल जलीय पदार्थों पर उपवास रखना चाहिए। यदि उपवास नहीं रख रहे हैं तो इस दिन चावल, प्याज, लहसुन, मांस, मदिरा, बासी भोजन आदि बिलकुल न खाएं।

 
3.देव और तुलसी उपासना करना चाहिए : इस दिन भगवान विष्णु या अपने इष्ट-देव की उपासना करना चाहिए। इस दिन "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः "मंत्र का जाप करने से लाभ मिलता है। शालीग्राम के साथ तुलसी का आध्यात्मिक विवाह देव उठनी एकादशी को होता है। इस दिन तुलसी की पूजा का महत्व है। तुलसी दल अकाल मृत्यु से बचाता है।
 
 
4.चंद्र होता है सही : कुंडली में चंद्रमा के कमजोर होने की स्थिति में जल और फल खाकर या निर्जल एकादशी का उपवास जरूर रखना चाहिए। व्यक्ति यदि सभी एकदशियों में उपवास रखता है तो उसका चंद्र सही होकर मानसिक स्थिति भी सुधर जाती है।
 
 
5.पौराणिक कथा का श्रवण-वाचन : इस दिन देवउठनी एकादशी की पौराणिक कथा का श्रावण या वाचन करना चाहिए। कथा सुनने या कहने से पुण्य की प्राप्ति होती है।
लेखक के बारे में
अनिरुद्ध जोशी
पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों से साहित्य, धर्म, योग, ज्योतिष, करंट अफेयर्स और अन्य विषयों पर लिख रहे हैं। वर्तमान में विश्‍व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सह-संपादक के पद पर कार्यरत हैं। दर्शनशास्त्र एवं ज्योतिष: मास्टर डिग्री (Gold Medalist), पत्रकारिता: डिप्लोमा। योग, धर्म और ज्योतिष में विशेषज्ञता।.... और पढ़ें
अगला लेख
Guru Nanak 550 Birth Anniversary: सिख धर्म के गुरु, गुरु नानक देव की जयंती