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सेना लाई अहम तकनीक, किफायती तरीके से यूं तरल से गैस रूप में बदलेगी ऑक्सीजन
नई दिल्ली। भारतीय सेना ने बुधवार को कहा कि उसने तरल ऑक्सीजन को कम दबाव वाले ऑक्सीजन गैस में तब्दील करने का समाधान ढूंढ लिया है जिन्हें अस्पताल में कोरोनावायरस (Coronavirus) कोविड-19
के रोगियों को दिया जाएगा।
सेना ने बयान जारी कर कहा, सात दिनों से अधिक समय से सेना के इंजीनियरों ने सीएसआईआर और डीआरडीओ के सहयोग से यह समाधान ढूंढा है। सीएसआईआर (वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद् है जबकि डीआरडीओ) रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन है।
सेना ने बयान जारी कर कहा, सात दिनों से अधिक समय से सेना के इंजीनियरों ने सीएसआईआर और डीआरडीओ के सहयोग से यह समाधान ढूंढा है। सीएसआईआर (वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद् है जबकि डीआरडीओ) रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन है।
बयान में कहा गया है, चूंकि ऑक्सीजन को क्रायोजेनिक टैंक में तरल प्रारूप में ढोया जाता है, इसलिए तरल ऑक्सीजन को ऑक्सीजन गैस में जल्द परिवर्तित करना अस्पतालों के लिए बड़ी चुनौती थी।
इसने बताया कि इंजीनियरों ने स्व दबाव वाले कम क्षमता के (250 लीटर) तरल ऑक्सीजन सिलेंडर का इस्तेमाल किया और इसे विशेष रूप से बनाए गए वाष्पीकरण एवं सीधे इस्तेमाल वाले लीक प्रूफ पाइपलाइन के आउटलेट प्रेशर (चार बार) और प्रेशर वॉल्व से गुजारा।
भारत कोरोनावायरस संक्रमण की दूसरी लहर से बुरी तरह प्रभावित हुआ है और कई राज्यों में टीका, ऑक्सीजन, दवाएं, उपकरण और बिस्तरों की काफी किल्लत है।(भाषा)
