यह है आत्मविश्वास ‍बढ़ाने की कुंजी

-रवीन्द्र गुप्ता

WD| पुनः संशोधित बुधवार, 3 अक्टूबर 2012 (10:53 IST)
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हर इंसान अपने लक्ष्य की प्राप्ति में प्रयासरत रहता है। उसके लिए जरूरी होता है 'आत्मविश्वास'। 'आत्मविश्वास' यानी अपनी आत्मा पर विश्वास या अपने आप पर विश्वास।

जीवन में हर काम अपने के बलबूते पर ही होते हैं। आत्मविश्वास के लिए दृष्टिकोण का होना जरूरी होता है। बिना आत्मविश्वास के कोई भी काम सफल नहीं हो सकता है।
अगर होता भी है तो निम्नस्तर का या आधा-अधूरा व ख़राब। आइए, हम जानते हैं आत्मविश्वास के बारे में-

क्या है आत्मविश्वास? : आत्मविश्वास वस्तुत: एक मानसिक एवं आध्यात्मिक शक्ति है। इससे महान कार्यों के संपादन में सहजता और सफलता हमें प्राप्त होती है। बगैर आत्मविश्वास के इन कार्यों की सफलता संदिग्ध ही बनी रहती है।
एकाग्रचित बनें : जिस भी व्यक्ति का मन शंका, चिंता और भय से भरा हो वह बड़े कार्य तो क्या, साधारण से साधारण कार्य भी नहीं कर सकता है। चिंता व शंका आपके मन को कभी भी एकाग्र न होने देंगे अत: आत्मविश्वास बढ़ाने हेतु अपने मन से सभी प्रकार के संदेह निकालें तथा एकाग्रता को बढ़ाएं।

आत्मविश्वास अद्भुत शक्ति : आत्मविश्वास एक अद्भुत शक्ति होती है। इसके बल से व्यक्ति तमाम विपत्तियों तथा शत्रुओं का सामना कर लेता है। संसार के अभी तक के बड़े से बड़े कार्य आत्मविश्वास के बलबूते ही हुए हैं और हो रहे हैं तथा होते रहेंगे।
बच्चों में आत्मविश्वास भरें : माता-पिता को चाहिए कि वे अपने बच्चों में आत्मविश्वास भरें। उनका आत्मविश्वास कभी कम नहीं करना चाहिए। उन्हें कभी भी इस प्रकार के नकारात्मक शब्द कि 'तुम कुछ नहीं जानते' या 'तुम में इस बात की कमी है' कभी नहीं कहने चाहिए।

इससे बच्चों का आत्मविश्वास कम होता है तथा इससे उनमें हीनभावना जागृत होती है तथा वे कुंठित हो जाते हैं। आज जग में जो निराशा की भावना तथा गरीबी दिखाई दे रही है उसके पीछे प्रमुख कारण यही हीनभावना है।

ऐसे बढ़ाएं आत्मविश्वास :
सकारात्मक चिंतन हो : सबसे पहले व्यक्ति को चाहिए कि वह हमेशा सकारात्मक चिंतन करे। सकारात्मक विचारधारा के लोगों के साथ ही रहें। कहा ‍भी जाता है कि 'जैसी संगति, वैसी उन्नति'। जैसी आपकी विचारधारा होगी, दिमाग भी वही सोचने लगता है अत: सकारात्मक ही सोचें तथा साथ ही अपनी खामियों को भी स्वीकार करें।
आत्मविश्वास से भरपूर होने का अभ्यास करें :
आप अपना आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए यह प्रयास करें कि मैं सक्षम हूं। मैं यह कार्य कर सकता हूं। मुझे इसमें कोई दिक्कत नहीं आएगी।

महानायक अमिताभ बच्चन को भी पहली बार अभिनय करते वक्त काफी डर लगता था। जब अधिक डर लगता था तो वे स्वयं से कहते थे कि 'मैं जिसका रोल कर रहा हूं वह व्यक्ति मैं ही हूं' ऐसा सोचते व करते उनका आत्मविश्वास बढ़ गया व आज वे 'Big B' कहलाते हैं।
बीती ताहि बिसारि दे : अपने द्वारा भूतकाल में की गईं गलतियों, असफलताओं को आप भुलाकर नई शुरुआत करें। भविष्य की योजना बनाएं तथा लक्ष्य निर्धारित कर उसकी प्राप्ति में जुट जाएं।

उपलब्धियां याद रखें : आत्मविश्वास की कुंजी है असफलता को स्वीकारना। श्रेष्ठ काम के लिए स्वयं को सराहें। आपके द्वारा सफलतापूर्वक किया गया काम आप फिर दोहरा सकते हैं इससे आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा।
नया सीखते रहें : यदि आपको वर्तमान परिस्‍थि‍ति जटिल लगे तो उसे नए तरीके से सीखने का प्रयास करना चाहिए। कुछ नया सीखने से आपका आत्मविश्वास तथा उत्साह बढ़ेगा तथा आपको इस बात का एहसास होता रहेगा कि 'मैं कुछ अलग व नया जानता हूं।' इससे आपका काम कम समय में बेहतर तरीके से होगा।

व्यक्तित्व को निखारिए : अपने व्यक्तित्व विकास पर ध्यान देते रहें तथा हमेशा अपना व्यक्तित्व आकर्षक बनाए रखिए। बॉडी लैंग्वेज और कम्युनिकेशन स्किल को सुधारें। संकीर्ण मनोवृत्ति का न बनें। स्वयं को नई सूचनाओं से अपडेट रखें तथा आसपास के परिवेश से भी तालमेल बैठाए रखें।
इस प्रकार की चंद बातों को आजमाकर आप अपना आत्मविश्वास बढ़ा सकते हैं तथा जीवन में नित नई उन्नति कर सकते हैं। तो आप भी आज से जुट जाइए अपना आत्मविश्वास बढ़ाने व तरक्की करने में।

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