गांजे का उत्तेजना से क्या है नाता

पुनः संशोधित बुधवार, 4 जुलाई 2018 (15:54 IST)
कुछ दिन पहले की बात है जब कनाडा में मरिजुआना जिसे आम बोलचाल की भाषा में गांजा या फिर भी कहा जाता है, उसे क़ानूनी वैधता प्रदान कर दी गई। इसके साथ ही कई अन्य देश हैं जहां मरिजुआना के इस्तेमाल को वैध करने पर विचार किया जा रहा है।

इसी बीच, कुछ ऐसे समूह भी चर्चा में आने लगे हैं जो गांजे या भांग का सेवन यौन उत्तेजना को बढ़ाने के लिए करते हैं। इस तरह के लोगों को 'कैनसेक्सुअल' कहा जाता है। दरअसल, यह शब्द अंग्रेज़ी के 'कैनाबीस' से निकला है। कैनाबीस भांग के पौधे को कहा जाता है।


गांजे और का संबंध
बीबीसी के पत्रकार अयमान अल-जुजी लिखते हैं कि जब हम यौन उत्तेजना बढ़ाने वाले उत्पाद की तलाश करतें हैं तो हमें बहुत सी चीज़ें देखने को मिलती हैं। इनमें तेल, स्प्रेयर, भांग की सुगंध वाली मोमबत्ती जैसी चीज़े अहम हैं। लेकिन इन्हीं चीज़ों के साथ मरिजुआना का पौधा भी देखने को मिल जाता है।

लेकिन सवाल उठता है कि आख़िर इस बात में कितनी सच्चाई है और गांजे या भांग के सेवन से सेक्स पर कितना असर पड़ता है। भारत में भी भांग काफ़ी लोकप्रिय है। यहां कहा जाता है कि भांग पीने के बाद लोग क़रीब आ जाते हैं। कई लोग मानते हैं कि भांग से सेक्स में बेपरवाही आती है।


प्राचीन काल में मिस्र में रहने वाली महिलाएं मरिजुआना को शहद में भिगोकर इस्तेमाल करती थीं। इससे पता चलता है कि मरिजुआना और सेक्स के संबंध की बात कोई नई नहीं है। प्राचीन काल से ही इसका ज़िक्र मिलता है।

गांजे को मिलती वैधता
'कैनासेक्सुअल' शब्द का सबसे पहला इस्तेमाल कैलिफ़ोर्निया में रहने वाली सेक्स सलाहकार एश्ले मान्टा ने किया था। उन्होंने साल 2013 में इस पौधे की मदद से सेक्स थेरेपी और यौन शिक्षा के बारे में बात करना शुरू किया।


हालांकि, अमेरिका में अभी भी मरिजुआना का सेवन प्रतिबंधित है, लेकिन अमरीका के कुछ राज्यों ने अब इसे अपने यहां वैधता प्रदान करनी शुरू कर दी है। सबसे पहले उरुग्वे ने गांजे पर प्रतिबंध हटाया था। साथ ही ब्रिटेन में भी गांजे को मेडिकल उपचार में इस्तेमाल करने पर विचार किया जा रहा है। ब्रिटेन के लुटोन शहर में रहने वाले एडम और डोनिया (बदले हुए नाम) पिछले तीन सालों से उत्तेजना के लिए गांजे का इस्तेमाल कर रही हैं।

डोनिया कहती हैं, ''मैं बहुत ख़बसूरत नहीं हूं, लेकिन जब मैं गांजे का इस्तेमाल करती हूं तो इस तरह के ख्याल मेरे मन में नहीं आते। मेरा शरीर आराम की मुद्रा में चला जाता है और मुझे अच्छा महसूस होता है। यही वजह है कि मुझमें आत्मविश्वास आ जाता है।''


वैज्ञानिक शोध नहीं
एक अमेरिकी संस्था के अनुसार गांजे का इस्तेमाल इतना अधिक बढ़ गया है कि अब इसकी सप्लाई भी मुश्किल होती जा रही है। हालांकि गांजे के इस्तेमाल और यौन आनंद पर अभी तक कोई वैज्ञानिक शोध उपलब्ध नहीं है, लेकिन लोगों के बीच इसका चलन लगातार बढ़ता जा रहा है।

जबकि इसके उलट हमें ऐसे शोध ज़रूर पढ़ने को मिल जाते हैं जो बताते हैं कि गांजे के इस्तेमाल से पुरुषों की यौन शक्ति प्रभावित होती है। वहीं एक अन्य सर्वे में बताया गया है कि जो लोग रोजाना गांजे का सेवन करते हैं उनमें सेक्स संबंधी समस्या दोगुनी रफ्तार से बढ़ती हैं।


ब्रिटेन में यौन स्वास्थ्य और एचआईवी संस्था के सलाहकार मार्क लौटन कहते हैं कि लोगों को सेक्स के दौरान शराब, ड्रग्स या नशा करने वाली अन्य चीज़ों से दूर रहना चहिए।

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