अमावस्या के दिन आ रहा है 2018 का पहला सूर्यग्रहण

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वर्ष का पहला गुरुवार, को पड़ रहा है। इस दिन अमावस्या भी है। वर्ष 2018 का यह दूसरा ग्रहण है। पहला ग्रहण 31 जनवरी 2018 को चन्द्रग्रहण हुआ था। अब उसके बाद 15 फरवरी 2018 को अमावस्या के दिन सूर्यग्रहण है। 
 
यह ग्रहण भारतीय समय के अनुसार की रात से शुरू होगा और सुबह 4 बजे इसका मोक्ष होगा। इसका आंशिक असर होने के कारण यह में दिखाई नहीं देगा।
 
ज्ञात हो कि अभी-अभी सूर्य ने मकर से कुंभ राशि में अपना स्थान बदला है। ऐसी स्थिति में सूर्य के इस गोचर का असर सभी राशियों पर होना संभव है। सूर्यग्रहण के 12 घंटे पहले ही सूतक लग जाने के कारण इस दौरान कुछ कामों को करने की मनाही होती है। इस संबंध में ऐसी मान्यता है कि ग्रहण के समय की किरणें खतरनाक असर डाल सकती हैं इसीलिए गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। बच्चों और बुजुर्गों को भी इस समय घर से बाहर निकलने की मनाही है।
 
वर्ष 2018 में 15 और 16 फरवरी की दरमियानी रात लगेगा। हालांकि सूर्य, पृथ्वी और चन्द्रमा की लुका-छिपी के इस दिलचस्प वाकये को भारत में नहीं निहारा जा सकेगा, क्योंकि ग्रहण के वक्त देश में पौ ही नहीं फटी होगी। इस खगोलीय घटना को अंटार्कटिका, दक्षिणी अमेरिका के उरुग्वे और ब्राजील तथा अन्य हिस्सों और दुनिया के कुछ अन्य इलाकों में देखा जा सकेगा।
 
बिना सुरक्षा उपाय किए सूर्यग्रहण देखने से वैज्ञानिक मना करते हैं, क्योंकि इस स्थिति में आपके आंखों की रोशनी पर बुरा असर पड़ सकता है, यह असर तात्कालिक या स्थायी रूप से भी हो सकता है। इस दौरान आपकी आंखों की रोशनी स्थायी रूप से जाने की संभावना भी बन सकती है।
 
अत: इस ग्रहण काल में सुरक्षा रखना जरूरी है। ग्रहण समाप्त होने के बाद दान देना बहुत लाभदायी होता है। अत: कपड़े, खाने की सामग्री का दान करना चाहिए तथा मंदिरों के पट बंद रखना चाहिए। साथ ही ग्रहणकाल में भगवान का नाम लेते रहना चाहिए। 
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