शुक्र का मिथुन राशि में प्रवेश, कैसा होगा 12 राशियों के लिए...


 
 
 
 
* का मिथुन राशि में गोचर,  जानिए 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा... 
शुक्र अपनी स्वराशि को त्यागकर बुध की राशि मिथुन में बुधवार, को शाम 5 बजे प्रवेश करेगा व 21 अगस्त तक रहेगा। 12 राशियों पर कैसा होगा इस राशि परिवर्तन का प्रभाव.. आइए जानते हैं... 
 
मेष राशि वालों के लिए यह स्थिति तृतीय पराक्रम भाव में होने से पराक्रम के द्वारा लाभ होगा। दैनिक व्यवसाय में भी सफलता मिलेगी। भोग-विलास पर खर्च होगा।
वृषभ राशि वालों के लिए शुक्र द्वितीय भाव से भ्रमण कर रहा है अत: वाणी द्वारा धन का लाभ होगा व कुटुम्बियों पर खर्च होगा। धन के मामलों में सावधानी रखना होगी।
 
मिथुन राशि वालों के लिए शुक्र लग्न में भ्रमण कर रहा है अत: सेक्स की भावना प्रबल होगी व मनोरंजन पर खर्च हो सकता है। यात्रा के योग बनने से धन का व्यय भी होगा।
 
कर्क राशि वालों के लिए द्वादश भाव में भ्रमण करने से आय के साथ-साथ व्यय भी अधिक रहेगा। पारिवारिक मामलों में खर्च रहेगा। 
 
सिंह राशि वालों के लिए एकादश भाव से भ्रमण करने से पराक्रम द्वारा नौकरी, व्यवसाय व राजनीति में भाइयों से लाभ की संभावना रहेगी। शेयर बाजार से भी लाभ मिल सकता है। 
 
कन्या राशि वालों के लिए दशम भाव से भ्रमण होने से भाग्य बल द्वारा नौकरी में लाभ के योग बनेंगे, पर गलत तरीके से कमाई न करें। धन कुटुम्बियों पर खर्च होगा। 
 
तुला राशि वालों के लिए तृतीय भाव में शुक्र का भ्रमण होने से कठिनाइयों के बाद सफलता मिलेगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखना होगा। भाग्य बल द्वारा कार्य में प्रगति आएगी। 
 
वृश्चिक राशि वालों के लिए शुक्र का भ्रमण अष्टम भाव से होने से बाहरी मामलों में सावधानी रखना होगी। यात्रा संभलकर करें। जीवनसाथी से विवाद की आशंका रहेगी। 
 
धनु राशि में सप्तम भाव से भ्रमण करने से अपने जीवनसाथी द्वारा आय के साधनों में वृद्धि होगी लेकिन खर्च बीमारियों पर भी हो सकता है। 
 
मकर राशि वालों के लिए षष्ट भाव में भ्रमण करने से व्यापार-व्यवसाय में संभलकर चलना होगा। संतान के मामलों में खर्च होगा। पिता से लाभ की संभावना रहेगी। 
 
कुंभ राशि वालों के लिए पंचम में भ्रमण करने से संतान सुख, मनोरंजन पर खर्च, परिवार में शुभ कार्य, भाग्य में वृद्धि व लाभदायक स्थिति बनेगी।
 
मीन राशि वालों के लिए चतुर्थ भाव में भ्रमण करने से आर्थिक खर्च परिवार पर होगा, संताप की संभावना रह सकती है। माता को कष्ट व स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव हो सकता है। 
 
ये करें उपाय :-  > शुक्र का यदि आपकी राशि पर अशुभ प्रभाव हो तो प्रति शुक्रवार को स्नान करने के बाद जल में 1 चम्मच दही डालकर नहाएं व शुभ परिणाम में वृद्धि हेतु लक्ष्मीजी के मंदिर में 1 कटोरी शकर भरकर शुक्रवार को रख आएं। शुक्रवार के दिन कुंआरी कन्याओं को, जो 5 वर्ष से अधिक की न हों, खीर खिलाएं। इस प्रकार शुक्र के अशुभ प्रभाव से बचा जा सकता है। 
 

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