Widgets Magazine

शनिवार को ऐसे करेंगे पूजन, तो बनी रहेगी शनिदेव की कृपा...


 


व्रत की पूजा विधि... 
 
पौराणिक ग्रंथों के अनुसार यह मान्यता है कि शनिदोष से मुक्ति पाने के लिए मूल नक्षत्रयुक्त शनिवार से आरंभ करके 7 शनिवार शनिदेव की पूजा करनी चाहिए और व्रत रखने चाहिए। ऐसा करने से शनिदेव की कृपा बनी रहती है। 
 
* व्रत के लिए शनिवार को प्रात:काल उठकर स्नान करना चाहिए। 
 
* तत्पश्चात भगवान हनुमान व शनिदेव की आराधना करते हुए तिल व लौंगयुक्त जल पीपल के पेड़ पर चढ़ाना चाहिए। 
 
* इसके बाद शनिदेव की प्रतिमा के समीप बैठकर उनका ध्यान लगाते हुए मंत्रोच्चारण करना चाहिए। 
 
* पूजा करने के बाद काले वस्त्र, काली वस्तुएं किसी गरीब को दान करनी चाहिए। 
 
* अंतिम व्रत को शनिदेव की पूजा के साथ-साथ हवन भी करवाना चाहिए।
 


वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।
Widgets Magazine
Widgets Magazine