परीक्षा में सफलता पाना है तो जलाएं एक दीपक...

exam-deep-630
 
* ग्रहों की शांति और परीक्षा में उत्तीर्ण होना है तो करें आवश्यक उपाय... 
 
ज्योतिष के अनुसार किसी न किसी चलता ही रहता है, जिसमें शनि को अनिष्टकारी ग्रह माना गया है। इस ग्रह से प्रभावित राशि वाले लोगों का परेशानियों से चोली-दामन का साथ रहता है। अन्य ग्रह भी कभी-कभी अपना प्रभाव राशियों पर दिखाते हैं, लेकिन ग्रहों की शांति व उनमें अनुकूलता बनाए रखने के लिए प्रभावित लोगों को मंदिर या पीपल के वृक्ष के नीचे घी या तेल का दीपक अवश्य जलाना चाहिए।
 
खासकर युवा जब परीक्षा का समय आता है तो उन्हें याद आते है भगवान। कहा जाता है कि प्रार्थना में बड़ी शक्ति होती है, इससे व्यक्ति अपने उन कार्यों को भी सिद्ध कर लेता है, जो उनको असंभव दिखाई देते हैं। कुछ यही मानना है आज के युवाओं का। जो पढ़ाई-लिखाई में कई व्यस्तताओं के बावजूद भी रोज शाम को मंदिरों में दीया-बत्ती करने के लिए जाते हैं। वे भगवान से मन्नते भी मांगते हैं कि हमें परीक्षा में पास करा दो, तो 5 सोमवार आपके दर पर दीपक जलाएंगे। 
 
माना जाता है कि अपने ग्रहों की शांति के लिए पीपल, केले एवं बरगद के वृक्ष तले दीप जलाने से जीवन में आने वाली समस्त बाधाओं से मुक्ति मिलती है। अपने जीवन को शांत व सुखमय करने के लिए ईश्वर पर श्रद्धा रखकर यह दीप जलाया जाता है। इससे परीक्षा के दिनों में एक हौंसला बना रहता है।
 
दीपक जलाने की यह परंपरा कई वर्षों से चली आ रही है। चूंकि हमारे समाज में स्त्री द्वारा पीपल के पेड़ पर या भगवान के मंदिर में दीपक जलाना शुभ माना जाता है, इसलिए पढ़ाई-लिखाई में चाहे जितनी भी व्यस्तता क्यों न हो, युवा मंदिर में दीपक जलाना नहीं भूलते। 
 
वे मानते हैं कि जीवन में सफलता के लिए भगवान का साथ होना जरूरी है। उस परमात्मा का साथ पाने के लिए व उसे मनाने के लिए दीप जलाना एक माध्यम होता है। हम दीप जलाकर अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए अर्जी लगाकर ईश्वर को प्रसन्न कर सकते हैं। 
 
ग्रहों से होने वाले अनिष्ट के निवारण के लिए घी या तेल का दीपक जलाना शुभ माना जाता है। कोई इसे हिंदू समाज की परंपरा बताता है, तो कोई प्रतिकूल ग्रहों की शांति के लिए आवश्यक उपाय। मंदिरों में अक्सर सूर्यास्त के बाद गोरज मुहूर्त में पीपल के वृक्ष व भगवान की मूर्ति के आगे युवक-युवतियों को प्रार्थना करते, दीप जलाते हुए देखा जा सकता हैं।

Widgets Magazine
वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।



और भी पढ़ें :

राशिफल

राहुकाल का समय और उससे बचने के उपाय

राहुकाल का समय और उससे बचने के उपाय
राहुकाल स्थान और तिथि के अनुसार अलग-अलग होता है अर्थात प्रत्येक वार को अलग समय में शुरू ...

वास्तु-फेंगशुई : स्टडी टेबल ऐसी होगी तो मिलेगी मनचाही सफलता

वास्तु-फेंगशुई : स्टडी टेबल ऐसी होगी तो मिलेगी मनचाही सफलता
क्या आपने स्टडी टेबल पर ध्यान दिया है। वह सुविधाजनक तो है लेकिन क्या वास्तु अनुरूप भी ...

वृषभ राशि में आए सूर्य, किस राशि के लिए शुभ, किसके लिए अशुभ

वृषभ राशि में आए सूर्य, किस राशि के लिए शुभ, किसके लिए अशुभ
मंगलवार, 15 मई 2018 को वृषभ राशि में सूर्य ने प्रवेश कर लिया है। आइए जानें किस राशि के ...

इन रत्नों से मिलेगा ग्रहों का शुभ प्रभाव, आप भी जानिए...

इन रत्नों से मिलेगा ग्रहों का शुभ प्रभाव, आप भी जानिए...
सूर्य को शक्तिशाली बनाने के लिए 3 रत्ती के माणिक को स्वर्ण की अंगूठी में, अनामिका अंगुली ...

यदि नौकरी में प्रमोशन नहीं हो रहा है तो अपनाएं ये 7 खास

यदि नौकरी में प्रमोशन नहीं हो रहा है तो अपनाएं ये 7 खास उपाय
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि नौकरी में आपकी मेहनत, प्रतिभा और वरिष्ठता के बावजूद मनचाही ...

क्या आप जानते हैं सनातन परंपरा के यह 16 संस्कार

क्या आप जानते हैं सनातन परंपरा के यह 16 संस्कार
व्यास स्मृति में सोलह संस्कारों का वर्णन हुआ है। हमारे धर्मशास्त्रों में भी मुख्य रूप से ...

ज्योतिष की एक अनूठी शैली नंदी नाड़ी, पढ़ें क्या हैं ...

ज्योतिष की एक अनूठी शैली नंदी नाड़ी, पढ़ें क्या हैं विशेषताएं
भगवान शंकर के गण नंदी द्वारा जिस ज्योतिष विधा को जन्म दिया गया उसे नंदी नाड़ी ज्योतिष के ...

ग्रह कैसे असर डालते हैं हम पर, आइए पढ़ें रोचक जानकारी

ग्रह कैसे असर डालते हैं हम पर, आइए पढ़ें रोचक जानकारी
दूर बैठे ग्रह नक्षत्र कैसे मानव जीवन पर प्रभाव डाल सकते हैं? अक्सर यह सवाल मनुष्य के ...

भारत में हुआ है ज्योतिष का उदय, जानिए ज्योतिष के 10 महान ...

भारत में हुआ है ज्योतिष का उदय, जानिए ज्योतिष के 10 महान ग्रंथ
ज्योतिष का उदय भारत में हुआ, क्योंकि भारतीय ज्योतिष शास्त्र की पृष्ठभूमि 8000 वर्षों से ...

भगवान सूर्यदेव की 10 बातें जो आप नहीं जानते...

भगवान सूर्यदेव की 10 बातें जो आप नहीं जानते...
सूर्यस्वरूप सृष्टि में सबसे पहले प्रकट हुआ इसलिए इसका नाम आदित्य पड़ा।