नागपंचमी पर कैसे करें नागदेव की आराधना, पढ़ें 12 राशियां








।।ॐ नवकुलाय विद्महे, विषदन्ताय धीमहि तन्नो सर्प प्रचोदयात।।


पूर्ण पृथ्वी का भार, संभालने वाले शेषनाग व भगवान शिवजी के गले में शोभायमान नाग महाराज को हमारे पूर्वज, देव, दानव व किन्नर सभी पूजते हैं।












नागपंचमी के दिन नाग महाराज का पूजन करने से नाना प्रकार के कष्ट खत्म हो जाते हैं, इस दिन जिस व्यक्ति को राहु-केतु की दशा या महादशा चल रही हो, हो उस जातक को प्रसिद्ध शिवलिंग पर नाग-नागिन का चांदी अथवा पंचधातु का जोड़ा चढ़ाना चाहिए। समस्त दोषों से मुक्ति मिल जाती है।








दोष-निवारण के लिए नाग देवता की राशि अनुसार स्तुति कर सकते हैं -

मेष-
ॐ वासुकेय नमः

वृषभ-
ॐ शुलिने नमः

मिथुन-
ॐ सर्पाय नमः

कर्क-
ॐ अनन्ताय नमः

सिंह-
ॐ कर्कोटकाय नमः

कन्या-
ॐ कम्बलाय नमः

तुला-
ॐ शंखपालय नमः

वृश्चिक- ॐ तक्षकाय नमः

धनु-
ॐ पृथ्वीधराय नमः

मकर-
ॐ नागाय नमः

कुंभ-
ॐ कुलीशाय नमः

मीन-
अश्वतराय नमः










विशेष : इस दिन भगवान शिव की आराधना से नागदेव प्रसन्न होकर हर मनोकामना पूर्ण करते हैं।






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