sawan somwar
Sat, 15 Aug 2026

Notifications

  1. धर्म-संसार
  2. ज्योतिष
  3. आलेख
  4. naag dev and 12 rashi

घर की शांति के लिए राशिनुसार करें नागदेव की आराधना

नाग महाराज का पूजन
।।ॐ नवकुलाय विद्महे, विषदन्ताय धीमहि तन्नो सर्प प्रचोदयात।।
 
संपूर्ण पृथ्वी का भार संभालने वाले शेषनाग व भगवान शिवजी के गले में शोभायमान नाग महाराज को हमारे पूर्वज, देव, दानव व किन्नर सभी पूजते हैं। नाग महाराज का पूजन करने से  समस्त प्रकार के कष्ट खत्म हो जाते हैं।

जिस व्यक्ति को राहु-केतु की दशा या महादशा चल रही हो, कालसर्प दोष हो उस जातक को प्रसिद्ध शिवलिंग पर नाग-नागिन का चांदी अथवा पंचधातु का जोड़ा चढ़ाना चाहिए। समस्त दोषों से मुक्ति मिल जाती है। दोष-निवारण के लिए सिर्फ नागपंचमी पर ही नहीं बल्कि साल भर नाग देवता की राशि अनुसार स्तुति कर सकते हैं - 
 
मेष-   ॐ वासुकेय नमः 
 
वृषभ-  ॐ शुलिने नमः  
 
मिथुन-  ॐ सर्पाय नमः 
 
कर्क-   ॐ अनन्ताय नमः 
 
सिंह-  ॐ कर्कोटकाय नमः 
 
कन्या-  ॐ कम्बलाय नमः 
 
तुला-  ॐ शंखपालय नमः 
 
वृश्चिक- ॐ तक्षकाय नमः 
 
धनु-  ॐ पृथ्वीधराय नमः 
 
मकर-  ॐ नागाय नमः 
 
कुंभ-  ॐ कुलीशाय नमः 
 
मीन-  अश्वतराय नमः 
                   
विशेष : भगवान शिव की आराधना से नागदेव प्रसन्न होकर हर मनोकामना पूर्ण करते हैं। 
ये भी पढ़ें
डोंगरगढ़ में मनाया जाएगा 'संयम स्वर्ण महोत्सव'