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Fri, 14 Aug 2026

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क्या आपकी अंगुली के पोरों में चक्र है, जानिए अपना भाग्य

Finger And Chakra
हम सभी जानते हैं कि चक्र यानि गोल घेरा। यही चक्र जब अंगुली के पोरों में होता है तो उसका भाग्य चमकदार होता है लेकिन इसका आकलन किस तरह किया जाता है और इनका किन-किन स्थानों पर होना क्या-क्या प्रभाव दिखाता है, आइए, जानते हैं इस बारे में।
 
जिस जातक की अंगुली के सबसे ऊपर वाले पोर पर चक्र हो वह भाग्यशाली व धनवान होता है। भगवान श्रीकृष्ण चक्र नामक शस्त्रधारी तो थे ही साथ ही उनकी तर्जनी अंगुली में चक्र था तभी तो उनका नाम चक्रधारी था। ऐसे जातक जिसे भी अंगुली के इशारे से सामने वाले को जो भी कहें वह बात चक्र के समान चलायमान होकर पूरी होती है।
 
चक्र गोल पूर्ण घेरे से युक्त स्पष्ट अभंग होना चाहिए, नहीं तो टूटा हुआ चक्र व्यक्ति को अनेक मानसिक चिन्ताओं से ग्रस्त कर देता है। जिनकी अंगुलियों के पोरों पर चक्र होता है, ऐसे जातकों का व्यवहार अपने विवेक और निर्णय से संचालित होता है। ये महत्वाकांक्षी भी होते हैं। इनके दिमाग में कोई-न-कोई योजना चलती रहती है।
 
ऐसे जातक स्वाभिमानी होते हैं। ये अपनी इच्छानुसार कार्य करने वाले रसिक मिजाज भी होते हैं। ऐसे जातक सभी प्रकार के सुखों को पाने वाले भी होते हैं।
 
किसी जातक के अंगूठे पर चक्र का निशान हो तो वह ऐश्वर्यवान, प्रभावशाली, दिमागी कार्य में निपुण, उत्तम गुणयुक्त, पिता का सहयोग व धन पाने वाला होता है। ऐसे जातक कोई ऐसा कार्य करते हैं जिससे इनका यश बना रहे। तर्जनी यानी अंगूठे के पास वाली अंगुली में चक्र का निशान हो तो ऐसे व्यक्ति धनवान, प्रभावी, अनेक मित्रों से युक्त होकर मित्रों से लाभ पाने वाले होते हैं। महत्वाकांक्षी होने के साथ-साथ धन का भी लाभ पाते हैं। सांसारिक सुखों का भोग कर सुखपूर्वक अपना जीवन व्यतीत करते हैं।
 
ऐसे जातक कुशल चिकित्सक, नेता, व्यापारी, अधिवक्ता भी हो सकते हैं। दूसरों के मुकाबले इनकी तर्क शक्ति अधिक होती है। ये अनेक विधाओं के जानकार भी होते हैं। इनमें से कुछ आध्यात्म की ओर रुचि रखते हैं व तीनों कालों का ज्ञान रखने वाले महापुरुष भी हो सकते हैं।
 
मध्यमा यानी बीच की अंगुली पर चक्र का निशान होने से व्यक्ति धार्मिक प्रवृत्ति का होता है। चूंकि यह अंगुली शनि की होती है इस वजह से उन पर शनि ग्रह की कृपा बनी रहती है। ऐसे जातक धनवान भी होते हैं। ऐसे जातकों के बारे में देखा गया है कि वे पराक्रमी, अनेक उद्योगों के स्वामी, उत्तम ज्योतिषी, तांत्रिक, मठाधीश भी होते हैं।
 
अनामिका यानी सबसे छोटी अंगुली के पास वाली अंगुली पर चक्र होना भाग्यशाली जीवन का प्रतीक माना जाता है। इसे सूर्य की अंगुली माना जाता है। ऐसे जातक उत्तम व्यापारी, धनवान, उद्योग धंधों में सफल, प्रतिष्ठित, यशस्वी, ऐश्वर्यवान, राजनीतिज्ञ, कुशल प्रशासनिक अधिकारी भी हो सकते हैं। कुछ आईएएस अधिकारियों की अंगुली में अनामिका चक्र देखकर इस बात की पुष्टि भी की जा चुकी है।
 
सबसे छोटी अंगुली यानी कनिष्का को बुध की अंगुली कहते है। इस पर चक्र का होना सफल व्यापारी होने की निशानी होती है। ये देश-विदेश में अपना व्यापार कर सफलता पाते हैं। ऐसे जातक सफल लेखक, प्रकाशक होते हैं व सम्पादन के क्षेत्र में भी सफलता पा सकते हैं। संक्षेप में कहें तो जिस अंगुली पर चक्र होता है उस अंगुली से संबंधित ग्रहों का प्रभाव बढ़ जाता है।