अमेरिका में भारतीयों का 'पेन मसाला'

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अमेरिका में यूँ तो समुदाय बहुत विस्तृत तथा विविध रंग लिए हुए है। वहाँ आपको कई भारतीय तथा भी मिल जाएँगे मगर एक समूह जरा हटकर है। यह खुद को 'पेन मसाला' कहता है तथा मजे की बात यह कि इसके सदस्य स्थायी नहीं हैं, बदलते रहते हैं। दूसरी मजेदार बात यह कि ये तो गाते हैं लेकिन इनके साथ कोई साज नहीं होता।

यह समूह है में पढ़ रहे भारतीय छात्रों का। गौर कीजिए, केवल 'छात्रों' का। इसमें छात्राओं को शामिल नहीं किया जाता। 1996 में जब इस समूह का गठन किया गया था, तो इसके दो ही नियम बनाए गए थे : एक तो यह कि इसमें केवल लड़के शामिल होंगे, दूसरा यह कि जो वर्तमान में पेनसिल्वेनिया विश्वविद्यालय में पढ़ रहे हैं, वे ही इसके सदस्य बनेंगे। जैसे ही कोई सदस्य डिग्री पाकर या बिना डिग्री पाए विश्वविद्यालय छोड़ता है, उसे यह समूह भी छोड़ना होता है तथा उसकी जगह कोई और छात्र ले लेता है।
समूह में लड़कियों को शामिल क्यों नहीं किया जाता, यह पूछने पर 'पेन मसाला' के बिजनेस मैनेजर सचिन अमृते कहते हैं कि चौदह साल पहले जब समूह बना था, तो इसके सारे सदस्य लड़के ही थे। इसके बाद हमने महज परंपरा को जारी रखने की खातिर तय किया कि इसमें लड़कों को ही शामिल किया जाए।

'पेन मसाला' की खूबी यह है कि यह 'अ कपेला' शैली में अपनी प्रस्तुतियाँ देता है। इस शैली में केवल समूह गान होता है, कोई ऑर्केस्ट्रा नहीं होता। बिना एक भी साज की संगत के सारे गाने गाए जाते हैं। 'पेन मसाला' के अधिकांश गीत हिन्दी फिल्मों के ही होते हैं। इस तरह यह विश्व का पहला हिन्दी अ कपेला समूह होने का दावा करता है। हाँ, हिन्दी गीतों में 'पेन मसाला' के सदस्य अक्सर कुछ अँगरेजी लाइनें भी डाल देते हैं। समूह बॉलीवुड के साथ रॉक, पॉप आदि को मिलाकर फ्यूजन म्यूजिक भी प्रस्तुत करता है।
'पेन मसाला' ने अमेरिका भर में तो अपनी प्रस्तुतियाँ दी ही हैं, विश्व के अन्य देशों में भी इसके कार्यक्रम सफल रहे हैं। इस समूह के छः अलबम भी अब तक जारी हो चुके हैं। अपनी प्रस्तुति के दौरान समूह के सदस्य गानों के बीच-बीच में कुछ कॉमेडी आयटम भी पेश करते हैं, जिनमें आम तौर पर किसी टीवी शो या फिल्म की पैरोडी की जाती है।

बीती दीपावली पर 'पेन मसाला' को विशेष सम्मान प्राप्त हुआ, जब उन्हें व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा के समक्ष कार्यक्रम देने के लिए आमंत्रित किया गया। फिलहाल इस समूह में 13 सदस्य हैं और यह अपनी तीसरी भारत यात्रा पर आया हुआ है। इससे पहले यह 2002 और 2006 में भारत में अपनी प्रस्तुतियाँ दे चुका है।


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