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पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के पीए की हत्या में अभिषेक बनर्जी का नाम, ममता को हराने के कारण मर्डर
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद शुरु हुआ हिंसा का दौर अब तेज होता जा रहा है। चुनावी नतीजों के बाद शुरू हुई हिंसा ने एक बार फिर साल 2021 के विधानसभा चुनावों के बाद हिंसा के दौर की यादें ताजा कर दी हैं।बंगाल में भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री पद के दावेदार और भवानीपुर से ममता बनर्जी को हराने वाले शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या किए जाने से राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है।
शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ की उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम इलाके में सरेआम गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई। बाइक सवार हमलावरों ने कार में सवार चंद्रनाथ रथ पर बेहद करीब से कई राउंड फायरिंग की। बताया जा रहा है कि हमलावारों ने 10 से अधिक राउंड की फायरिंग की। गंभीर रूप से घायल रथ को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। वहीं घटना में चंद्रनाथ राय के ड्राइवर को भी गोली लगी है और हालत गंभीर है।
चंद्रनाथ रथ पूर्व वायुसेना अधिकारी रह चुके थे और बाद में भाजपा से जुड़कर शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी बन गए थे। राजनीतिक हलकों में उन्हें अधिकारी का भरोसेमंद रणनीतिक सहयोगी माना जाता था। बताया जा रहा है कि भवानीपुर में ममता बनर्जी को हारने की रणनीति तैयार करने में बड़ा रोल था। विधानसभा चुनाव के बाद जब भवानीपुर में काउंटिग को लेकर भाजपा और टीएमसी में टकराव हुआ था तब चंद्रनाथ राय ने ममता बनर्जी का विरोध किया था।
ममता को हराने की वजह से मर्डर-वहीं अपने पीए की हत्या को शुभेंदु अधिकारी ने निर्मम और सुनियोजित हत्या बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ दिनों से उनके सहयोगियों की रेकी की जा रही थी। मीडिया से बातचीत में अधिकारी ने कहा कि उनके सहयोगी की बेरहमी से हत्या की गई है और इसकी जितनी निंदा की जाए उतनी कम है। शुभेंद्र अधिकारी ने कहा कि ममता को हराने की वजह से उनके पीए ही हत्या की गई है। वहीं भाजपा नेता अर्जुन सिंह ने आरोप लगाया है कि ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के करीबी पुलिस अधिकारी की हत्या में भूमिका है। उन्होंने कहा कि यह पुलिस अधिकारी इस तरह के अपराधियों को संगठित कर ऐसी वारादात को अंजाम देते है।
बीजेपी ने इस हत्या को राजनीतिक साजिश बताते हुए राज्य सरकार पर विपक्षी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। वहीं इस घटना में ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी का नाम भी सामने आ रहा है। वहीं तृणमूल कांग्रेस ने घटना की निंदा करते हुए पूरे मामले की CBI जांच की मांग की है।
बंगाल के कई जिलों में हिंसा, 200 FIR-पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद जमकर हिंसा हो रही है। हिंसा में अब तक 5 से अधिक लोगों की हत्या हो चुकी है। वहीं बंगाल में हिंसा के मामले में 200 से अधिक एफआईआर दर्ज की गई है। राज्य के संदेशखाली में भी बड़े पैमाने पर हिंसा हुई। न्याजत थाना क्षेत्र में ग्रामीणों को डराने-धमकाने की शिकायत मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और केंद्रीय बलों की टीम पर हमला कर दिया गया। फायरिंग और पथराव में पुलिस तथा केंद्रीय बलों के पांच जवान घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इसके अलावा हावड़ा के जगतबल्लभपुर में टीएमसी कार्यालय में आगजनी की घटना सामने आई, जबकि कोलकाता के हॉग मार्केट इलाके में भी जमकर बवाल हुआ। जलपाईगुड़ी, दक्षिण 24 परगना और आसनसोल समेत कई इलाकों में भाजपा और टीएमसी समर्थकों के बीच झड़प, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। राज्य में जारी हिंसा के बीच पुलिस ने बड़ा एक्शन लेते हुए पिछले 48 घंटों में 500 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि 1100 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी नतीजों के बाद पश्चिम बंगाल में जिस तरह हिंसा बढ़ रही है, वह राज्य की लोकतांत्रिक व्यवस्था और कानून-व्यवस्था दोनों के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है।
