पूरा देश 78वां स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाने के लिए तैयार है, आइए जानते हैं गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज को फहराने के नियम...
गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस, दोनों ही अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है।
लेकिन दोनों के तौर-तरीके बहुत अलग होते हैं।
स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने से पहले उसे बांधकर पोल (खंभे) के पास रखा जाता है।
जब प्रधानमंत्री राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए डोरी खींचते हैं तो पहले तिरंगा ऊपर उठता है।
फिर तिरंगा फहरता है, इसे ध्वजारोहण (फ्लैग होस्टिंग) कहते हैं।
गणतंत्र दिवस पर झंडा फहराने के से पहले उसे बांधकर पोल के शीर्ष पर बांध दिया जाता है।
जब राष्ट्रपति डोरी खींचते हैं तो वह फहरने लगता है।
इसे झंडा बंधन या झंडा फहराना (अन्फर्ल) कहा जाता है।
हर साल गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति झंडा फहराते हैं।
स्वतंत्रता दिवस पर हर साल प्रधानमंत्री ध्वजारोहण करते हैं।