राम सेतु पर फिल्म बनाने का आइडिया अच्छा था, लेकिन उस पर जो कहानी लिखी गई वो विषय के साथ नहीं करती न्याय।
फिल्म में जिस तरह से नायक काम करता है वो अविश्वसनीय है।
'राम सेतु' दर्शकों से कनेक्ट नहीं हो पाती। कई बातें पल्ले ही नहीं पड़ती।
अक्षय कुमार का लुक बेहद खराब है। पूरी फिल्म में उन्हें इस तरह देखना दर्शकों को अच्छा नहीं लगता।
राम सेतु देखने के बाद दर्शकों के न ज्ञान में इजाफा होता है और न ही फिल्म मनोरंजन कर पाती है।