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इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए योगी सरकार ने दी 210 करोड़ की सब्सिडी, 43 हजार से अधिक लोगों को मिला लाभ

Yogi government provided a subsidy of Rs 210 crore for electric vehicles
- परिवहन विभाग की ईवी नीति का असर, प्रदेश में अब तक 96 हजार से अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण
- स्वच्छ परिवहन और हरित विकास का मॉडल बना यूपी, सब्सिडी योजना से बढ़ा इलेक्ट्रिक वाहनों का चलन
- खाड़ी देशों में गंभीर हालात के बीच ईवी की तरफ रुख करना बेहतर, पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता करें कम
Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। इसी दिशा में प्रदेश सरकार के विजन के तहत परिवहन विभाग द्वारा संचालित इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) क्रय सब्सिडी योजना प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। योजना के माध्यम से हजारों उपभोक्ताओं को आर्थिक सहायता मिलने के साथ ही प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति लोगों का विश्वास भी मजबूत हुआ है। इसके तहत योगी सरकार ने 210 करोड़ रुपए से अधिक सब्सिडी के रूप में वितरित किए।
 
उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि खाड़ी देशों में गंभीर हालात और तेल संकट के बीच ईवी वाहनों की तरफ रुख करना ही बेहतर है। वहीं प्रदेश सरकार की इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) क्रय सब्सिडी योजना इस दिशा में शानदार सहयोग दे रही है। इससे पेट्रोल-डीजल जैसे ईंधनों पर निर्भरता कम होगी और बेहतर पर्यावरण से लोगों का स्वास्थ्य अच्छा होगा। प्रदेश सरकार ने इसी विजन के साथ 210 करोड़ रुपए से ज्यादा की सब्सिडी का भुगतान कर नया कीर्तिमान बनाया है।
 

43 हजार से अधिक लाभार्थियों को मिली सब्सिडी

परिवहन विभाग के मुताबिक प्रदेश में अब तक 96,778 से अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण हो चुका है। इनमें से 43,218 लाभार्थियों को अंतिम रूप से ईवी क्रय सब्सिडी का लाभ प्रदान किया जा चुका है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि योजना का लाभ बड़ी संख्या में आम नागरिकों तक पहुंचा है और लोग तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों को अपना रहे हैं।

तीन वर्षों में 210 करोड़ रुपए की सब्सिडी

योजना शुरू होने के बाद पहले लगभग तीन वर्षों के दौरान योगी सरकार ने रिकॉर्ड 210 करोड़ रुपए से अधिक सब्सिडी के रूप में वितरित किए हैं। इससे इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले उपभोक्ताओं की शुरुआती लागत कम हुई है। परिवहन विभाग ने योजना की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण एवं आवेदनों का लाइव काउंटर भी उपलब्ध कराया है।
Yogi government provided a subsidy of Rs 210 crore for electric vehicles

दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों को मिला सबसे अधिक लाभ

ईवी क्रय सब्सिडी योजना के अंतर्गत सबसे अधिक लाभ दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों को मिला है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक 61,417 दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहन इस योजना से लाभान्वित हुए हैं। कम कीमत, कम संचालन लागत और दैनिक उपयोग के लिए उपयुक्त होने के कारण इलेक्ट्रिक स्कूटर और मोटरसाइकलों की मांग तेजी से बढ़ी है। योजना की मूल संरचना में भी दोपहिया वाहनों को विशेष महत्व देते हुए 2 लाख दोपहिया वाहनों तक सब्सिडी देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था।
 

सभी श्रेणियों के वाहनों को प्रोत्साहन

योजना के तहत सरकार ने केवल दोपहिया वाहनों तक ही सीमित नहीं रखा, बल्कि 25 हजार चारपहिया, 400 ई-बस और 1,000 ई-गुड्स कैरियर वाहनों को भी सब्सिडी देने का लक्ष्य निर्धारित किया। इससे निजी उपयोग के साथ-साथ सार्वजनिक परिवहन और माल परिवहन में भी इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा मिलने की दिशा में ठोस पहल हुई है।

पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा बचत और परिवहन खर्च में आ रही कमी

इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते उपयोग से कार्बन उत्सर्जन में कमी आने, वायु प्रदूषण घटाने और पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम करने में मदद मिल रही है। इसके साथ ही आम नागरिकों के परिवहन खर्च में भी कमी आ रही है। यही कारण है कि प्रदेश में ईवी अपनाने की गति लगातार बढ़ रही है।
लेखक के बारे में
चेतन गौड़