1. समाचार
  2. मुख्य ख़बरें
  3. उत्तर प्रदेश
  4. yogi government announces relief for crop and livestock loss affected farmers in up
Last Modified: लखनऊ , गुरुवार, 14 मई 2026 (21:58 IST)

फसल और पशुधन नुकसान पर किसानों के साथ योगी सरकार, CM योगी ने राहत और मुआवजे के दिए सख्त निर्देश

Yogi government farmer relief
उत्तर प्रदेश में आंधी, अतिवृष्टि और आकाशीय बिजली से हुई जनहानि और फसल नुकसान के बीच योगी सरकार ने संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए प्रभावित परिवारों को बड़ी राहत देने का फैसला किया है। सीएम योगी ने सभी जिलों के प्रभारी मंत्रियों को प्रभावित परिवारों से मुलाकात करने और हालात का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं। गुरुवार को मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि आपदा की इस घड़ी में सरकार पूरी मजबूती के साथ जनता के साथ खड़ी है और राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आपदा में किसी व्यक्ति की मृत्यु होने की स्थिति में परिजनों को तत्काल 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही किसानों, पशुपालकों और अन्य प्रभावित परिवारों को भी तेजी से राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन को सख्त निर्देश दिए गए हैं। फसल का नुकसान उठाने वाले किसानों के लिए मुआवजे और पशुधन क्षति पर भी आर्थिक सहायता तय की गई है। राहत आयुक्त डाॅ0 हृषिकेश भास्कर यशोद ने प्रभावित जनपदों के जिलाधिकारियों व अपर जिलाधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से खराब मौसम के कारण प्राकृतिक आपदा से हुई विभिन्न क्षतियों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि अधिकारी स्वयं प्रभावित परिवारों से मिलकर आवश्यक मदद उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

 
उन्होंने बताया कि राहत आयुक्त कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम से निरंतर माॅनिटरिंग की जा रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी खराब मौसम की चेतावनी के उपरान्त राहत आयुक्त कार्यालय स्थित कंट्रोल रूम द्वारा सचेत पोर्टल के माध्यम से आम जनमानस को 34 करोड़ 64 लाख रेड एवं ऑरेंज  चेतावनी संदेश भेजे गये हैं। कंट्रोल रूम को हाई एलर्ट पर रखते हुए प्रभावित परिवारों को दी जा रही सहायता राशि की माॅनिटरिंग करने के निर्देश दिए गये हैं।  राहत आपदा हेल्प लाइन नम्बर 1070 पर काॅल आते ही तत्काल सहायता उपलब्ध करायी जा रही है। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार राहत आयुक्त ने जिलाधिकारियों को जन प्रतिनिधियों के माध्यम से प्रभावित परिवारों को सहायता राशि का शत प्रतिशत वितरण कराने हेतु निर्देशित किया। 
 
 
फसल नुकसान पर मुआवजा तय
योगी सरकार प्राकृतिक आपदा में मृत्यु होने पर 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देगी। इसके अलावा 33 प्रतिशत से अधिक फसल क्षति होने पर किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। यह वर्षा सिंचित क्षेत्र में 8500 रुपये प्रति हेक्टेयर, सुनिश्चित सिंचित क्षेत्र में 17 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर तथा 12 माही फसलों और कृषि वानिकी के लिए 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर निर्धारित किया गया है। यह सहायता अधिकतम दो हेक्टेयर भूमि वाले किसानों को दी जाएगी।
 
खेतों से गाद हटाने में भी आर्थिक मदद
अतिवृष्टि के कारण खेतों में जमा गाद और मलबा हटाने के लिए भी योगी सरकार ने 18 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर तक सहायता देने का प्रावधान किया है। इससे प्रभावित किसानों को दोबारा खेती शुरू करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सर्वे कार्य तेजी और पारदर्शिता के साथ पूरा किया जाए ताकि पात्र किसानों को समय पर राहत मिल सके।
 
पशुपालकों को भी आर्थिक संबल
योगी सरकार ने पशुपालकों को राहत देने के लिए भी व्यापक सहायता योजना लागू की है। दुधारू पशुओं जैसे गाय-भैंस की मृत्यु पर 37,500 रुपये तक सहायता दी जाएगी। बैल और घोड़े जैसे गैर दुधारू पशुओं के लिए 32 हजार रुपये तथा बछड़ा, गधा, खच्चर और टट्टू के लिए 20 हजार रुपये की सहायता तय की गई है। भेड़, बकरी और सुअर की क्षति पर भी 4 हजार रुपये प्रति पशु आर्थिक मदद दी जाएगी। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुपालन की अहम भूमिका को देखते हुए सरकार की यह पहल प्रभावित परिवारों को राहत देने में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
 
राहत कार्यों की लगातार निगरानी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। शासन स्तर से लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और प्रभावित जिलों में राहत वितरण की समीक्षा हो रही है। सरकार का फोकस इस बात पर है कि आपदा से प्रभावित किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण परिवारों को समय पर सहायता मिल सके और वो जल्द सामान्य स्थिति में लौट सकें। Edited by : Sudhir Sharma
लेखक के बारे में
वेबदुनिया न्यूज़ टीम
वेबदुनिया न्यूज़ डेस्क पर हमारे स्ट्रिंगर्स, विश्वसनीय स्रोतों और अनुभवी पत्रकारों द्वारा तैयार की गई ग्राउंड रिपोर्ट्स, स्पेशल रिपोर्ट्स, साक्षात्कार तथा रीयल-टाइम अपडेट्स को वरिष्ठ संपादकों द्वारा सावधानीपूर्वक जांच-परख कर प्रकाशित किया जाता है।.... और पढ़ें
ये भी पढ़ें
धार भोजशाला विवाद पर आएगा कोर्ट का फैसला, मंदिर या कमाल मौला मस्जिद, निर्णय पर टिकी सबकी नजर