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Last Modified: लखनऊ (उप्र) , मंगलवार, 24 मार्च 2026 (17:23 IST)

UP में सरकारी योजना से गांव की बेटी बनी सफल उद्यमी, सोमा ने गुड़ उद्योग से बदली तकदीर

Village Daughter Becomes Successful Entrepreneur
- 'आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश' का संकल्प साकार कर रहे युवा उद्यमी
- हर महीने हो रही 80 से 90 हजार रुपए की कमाई
- 25 लाख के ऋण से सोमा ने खड़ा किया उद्यम
- सोमा को कई राज्यों से मिल रहे ऑर्डर
Uttar Pradesh News : योगी सरकार में महत्वाकांक्षी योजनाओं के माध्यम से आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश और नारी स्वावलंबन का सपना अब सिर्फ नारा नहीं, बल्कि हकीकत बनता जा रहा है। योगी सरकार की नीतियों का उद्देश्य युवाओं और महिलाओं को ‘रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला’ बनाना है। सोमा गुप्ता की कहानी सरकार के इसी विजन को साकार करती है। सरकारी योजना का लाभ लेकर लखीमपुर-खीरी जिले के ग्राम सिंगहाखुर्द की रहने वाली सोमा आज दूसरों को रोजगार दे रहीं हैं।
 

25 लाख रुपए का ऋण प्राप्त कर गुड़ कोल्हू उद्योग की शुरुआत

सोमा गुप्ता ने उत्‍तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के माध्यम से ‘प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना’ के तहत वर्ष 2022 में 25 लाख रुपए का ऋण प्राप्त कर गुड़ कोल्हू उद्योग की शुरुआत की। आज उनका यह उद्योग न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रहा है, बल्कि क्षेत्र के कई लोगों को रोजगार भी दे रहा है। सीजन के दौरान एक दिन में इसमें लगभग 18 क्विंटल गुड़ का उत्पादन किया जाता है।

प्रदेश के अलावा कई राज्यों में सप्लाई हो रहा उत्पाद 

इसके लिए 6 एकड़ में स्वयं गन्ने की खेती करतीं हैं और अन्य किसानों से भी गन्ना खरीदतीं हैं। उनका उत्पाद उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में भी सप्लाई हो रहा है। यह न केवल उनके व्यवसाय की सफलता को दर्शाता है, बल्कि ग्रामीण स्तर पर बने उत्पादों की बढ़ती मांग को भी साबित करता है। हर महीने 80 से 90 हजार रुपए की आय अर्जित कर सोमा आज आत्मनिर्भर जीवन जी रही हैं।
 

परियोजना लागत पर सब्सिडी भी प्रदान करती है सरकार 

‘प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना’ महत्वपूर्ण स्वरोजगार की योजना है। उत्तर प्रदेश में इसका संचालन तीन एजेंसियों क्रमशः जिला उद्योग केंद्र, खादी और ग्रामोद्योग आयोग एवं उप्र खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा किया जाता है। यह योजना ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में नए सूक्ष्म उद्यम स्थापित करके रोजगार पैदा करती है। इस योजना के तहत विनिर्माण क्षेत्र के लिए 50 लाख रुपए और सेवा क्षेत्र के लिए 20 लाख रुपए तक की परियोजना लागत पर सरकार सब्सिडी भी प्रदान करती है।
Edited By : Chetan Gour
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