1. समाचार
  2. मुख्य ख़बरें
  3. उत्तर प्रदेश
  4. Teachers expressed their gratitude to Chief Minister Yogi regarding health and social security

स्वास्थ्य व सामाजिक सुरक्षा मिलने पर खिले शिक्षकों के चेहरे, मुख्यमंत्री योगी का जताया विशेष आभार

Teachers expressed their gratitude to Chief Minister Yogi regarding health and social security
- योगी सरकार का शिक्षकों को दोहरा तोहफा, कैशलेस इलाज और 1.5 करोड़ के बीमा कवर की दी सौगात
- पीएनबी के साथ एमओयू, शिक्षकों को 1.50 करोड़ का दुर्घटना और 3 करोड़ का हवाई दुर्घटना बीमा कवर
- कैंसर और हृदय रोग सहित 1900 से अधिक गंभीर बीमारियों का होगा नि:शुल्क उपचार
Chief Minister Yogi Adityanath : उच्च शिक्षा विभाग से जुड़े शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए रविवार का दिन बेहद खास रहा। खंदारी कैंपस में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों को स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा का दोहरा तोहफा दिया। योगी सरकार ने जहां एक ओर 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना' का भव्य शुभारंभ किया। वहीं उच्च शिक्षा विभाग ने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के साथ एक अहम एमओयू पर भी हस्ताक्षर किए। इन दोनों ऐतिहासिक कदमों से शिक्षकों और उनके परिवारों का भविष्य और स्वास्थ्य पूरी तरह सुरक्षित हो गया है।
 
योगी सरकार के मार्गदर्शन में पीएनबी के साथ हुए इस एमओयू के तहत, अब शिक्षकों और शिक्षणेतर कर्मचारियों को 1.50 करोड़ रुपए तक का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा मिलेगा। इसके अलावा 3 करोड़ रुपए तक का हवाई दुर्घटना बीमा, 60 हजार रुपए तक का अस्पताल नकद लाभ और 12 लाख रुपए तक का टर्म लाइफ बीमा भी उपलब्ध कराया जाएगा। यह विशेष पहल शिक्षकों को एक मजबूत और भरोसेमंद सुरक्षा कवच प्रदान करेगी।
Teachers expressed their gratitude to Chief Minister Yogi regarding health and social security

मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के 2 बड़े फायदे

1. हर परिवार को 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज
मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना से प्रदेश के विश्वविद्यालयों, अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों और स्ववित्तपोषित संस्थानों (पाठ्यक्रमों) में कार्यरत 1.28 लाख से अधिक शिक्षकों व उनके आश्रित परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। इस योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को सूचीबद्ध सरकारी व निजी अस्पतालों में हर साल 5 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी।

इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि कार्ड बनने के पहले ही दिन से लाभार्थी इसका उपयोग कर सकेंगे। अस्पताल में भर्ती होने से लेकर उपचार, दवाइयों और डिस्चार्ज तक का पूरा खर्च योजना के अंतर्गत सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
 
2. कैंसर, दिल की बीमारी का भी इलाज होगा
इस योजना का संचालन साचीज (SACHIS) संस्था द्वारा किया जाएगा। इसमें आयुष्मान भारत योजना की ही दरें लागू होंगी। इसके तहत पैनल में शामिल सरकारी और निजी अस्पतालों में 1900 से अधिक बीमारियों के इलाज का पैकेज मिलेगा, जिसमें कैंसर, हृदय रोग, किडनी की समस्या और बड़ी सर्जरियां जैसे गंभीर और महंगे इलाज शामिल हैं। इसके लिए सभी जिलों में विशेष कार्यक्रम आयोजित कर कार्ड वितरित किए जाएंगे।
 

लाभार्थियों ने जाहिर की खुशी, जताया मुख्यमंत्री का आभार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों इस बहुप्रतीक्षित योजना का लाभ पाकर शिक्षकों और कर्मचारियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। योजना से लाभान्वित शिक्षकों ने इसे अपने जीवन की सबसे बड़ी राहत बताया।
 
यह योजना हमारे लिए एक बड़ी संजीवनी है। अब किसी भी गंभीर बीमारी के इलाज के लिए हमें कर्ज नहीं लेना पड़ेगा। योगी सरकार का यह कदम सराहनीय है।
- डॉ. मुकेश चंद, लाभार्थी शिक्षक
 
योगी सरकार ने शिक्षकों की बरसों पुरानी मांग को आज हकीकत में बदल दिया है। यह हमारे प्रति सरकार की गहरी संवेदनशीलता को दर्शाता है।
- डॉ. राजनाथ, लाभार्थी शिक्षक
 
दुर्घटना बीमा और टर्म लाइफ इंश्योरेंस से हमारे परिवारों को भविष्य की एक बड़ी और पक्की सुरक्षा मिली है, जो पहले कभी नहीं थी।
- धर्मेंद्र कुमार चौधरी, लाभार्थी शिक्षक
 
कैंसर और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों के कवर होने से अब हम पूरी तरह से निश्चिंत होकर अपने शिक्षण कार्य पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
- डॉ. रवि कांत पाठक, लाभार्थी शिक्षक
 
महिलाओं और उनके आश्रितों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा हमेशा से एक बड़ी चिंता रही है। 5 लाख का यह कैशलेस कार्ड हमें बड़ी मानसिक राहत देगा।
- डॉ. मोनिका अस्थाना, लाभार्थी शिक्षक
 
पीएनबी के साथ एमओयू और कैशलेस चिकित्सा, दोनों ही योजनाएं शिक्षा जगत के लिए ऐतिहासिक हैं। हम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के हृदय से आभारी हैं।
- अनुपम सक्सेना, लाभार्थी शिक्षक
अगला लेख
Rahul Gandhi : राहुल गांधी का अमित शाह को पत्र, छात्रों पर कार्रवाई को लेकर मांगा जवाब; पूछा- क्या पेलट गन इस्तेमाल की मंजूरी दी गई थी?