1. समाचार
  2. मुख्य ख़बरें
  3. उत्तर प्रदेश
  4. Preparations Underway in Uttar Pradesh to Link Rural Economy with an Employment Revolution

योगी सरकार में संरक्षित गोमाता की कृपा से माइक्रो आंत्रप्रेन्योरशिप मॉडल के जरिए आएगी नई कृषि क्रांति

Preparations Underway in Uttar Pradesh to Link Rural Economy with an Employment Revolution
- अब उत्तर प्रदेश की गोशालाएं केवल संरक्षण केंद्र नहीं रहेंगी, बल्कि जैविक कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की नई ताकत बनेंगी
- गोबर और गोमूत्र आधारित उन्नत ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर तकनीक आईआईटी कानपुर में हुई विकसित
- आईआईटी कानपुर की उन्नत तकनीक से यूपी दिखाएगा देश को नई दिशा
Uttar Pradesh News : उत्तर प्रदेश में गो संरक्षण को अब केवल धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से नहीं, बल्कि वैज्ञानिक कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार क्रांति से जोड़ने की तैयारी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संरक्षित गोमाता की कृपा से प्रदेश में माइक्रो-आंत्रप्रेन्योरशिप आधारित एक नई कृषि क्रांति का मॉडल विकसित किया जा रहा है, जिसमें आईआईटी कानपुर की उन्नत तकनीक अहम भूमिका निभाने जा रही है। आईआईटी कानपुर की उन्नत तकनीक के जरिए उत्तर प्रदेश अब देश को नई दिशा दिखाएगा।
 
उत्तर प्रदेश की गोशालाओं को अब केवल संरक्षण केंद्र तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें जैविक खेती, ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की नई ताकत के रूप में विकसित किया जाएगा। गोबर और गोमूत्र आधारित हाई-क्वालिटी जैविक उर्वरक तैयार करने की आधुनिक तकनीक आईआईटी कानपुर के स्कॉलर ने विकसित की है, जिससे खेती अधिक प्राकृतिक, टिकाऊ और किसानों के लिए लाभकारी बन सकेगी।
रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता घटेगी और खेती अधिक प्राकृतिक एवं पर्यावरण अनुकूल बन सकेगी
आईआईटी कानपुर के बायोलॉजिकल साइंसेज एंड बायोइंजीनियरिंग विभाग के पीएचडी स्कॉलर अक्षय श्रीवास्तव ने यह उन्नत कृषि तकनीक विकसित की है। इस शोध एवं तकनीकी विकास  का नेतृत्व प्रोफेसर डॉ. अमिताभ बंद्योपाध्याय कर रहे हैं।
 
इस तकनीक के माध्यम से गोबर और गोमूत्र से वैज्ञानिक तरीके से हाई-क्वालिटी ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर तैयार किया जाएगा। इससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता घटेगी और खेती अधिक प्राकृतिक एवं पर्यावरण अनुकूल बन सकेगी।

माइक्रो एंटरप्रेन्योरशिप मॉडल से गांव बनेंगे आत्मनिर्भर

योगी सरकार इस पूरी व्यवस्था को माइक्रो-आंत्रप्रेन्योरशिप मॉडल से जोड़ने की तैयारी में है। इसके तहत ग्रामीण युवाओं, महिलाओं और किसानों को छोटे स्तर पर फर्टिलाइजर यूनिट्स से जोड़ा जाएगा, जिससे गांवों में बड़े पैमाने पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा होंगे।
 
यह मॉडल केवल कृषि उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में नई आर्थिक गतिविधियों को भी गति देगा। योगी सरकार की योजना है कि गोशालाओं के माध्यम से तैयार होने वाले जैविक उत्पाद किसानों तक सीधे पहुंचें और गांव स्तर पर ही उत्पादन से आय का मजबूत चक्र तैयार हो।
 

गोशालाओं से जुड़ेगा नया आर्थिक मॉडल

प्रदेश की गोशालाएं अब केवल पशु संरक्षण केंद्र नहीं रहेंगी, बल्कि जैविक कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के नए विकास मॉडल का आधार बनेंगी। गो आधारित अर्थव्यवस्था को वैज्ञानिक तकनीक और आधुनिक कृषि प्रणाली से जोड़कर उत्तर प्रदेश देश के सामने एक नई दिशा प्रस्तुत करने जा रहा है।
यदि यह मॉडल सफल हुआ तो इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, जैविक खेती और प्राकृतिक कृषि को एक साथ नई गति मिलेगी। साथ ही किसानों की लागत घटेगी और खेती की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा।
 

देश में सबसे बड़ा गो आधारित वैज्ञानिक कृषि केंद्र बन सकता है यूपी

उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता का कहना है कि यदि यह मॉडल बड़े स्तर पर सफल हुआ तो उत्तर प्रदेश देश में गो आधारित वैज्ञानिक खेती और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर टेक्नोलॉजी का सबसे बड़ा केंद्र बन सकता है।
 
उन्होंने कहा कि योगी सरकार गो संरक्षण को ग्रामीण विकास, रोजगार और वैज्ञानिक कृषि से जोड़कर एक ऐसे मॉडल पर काम कर रही है, जो आने वाले समय में पूरे देश के लिए उदाहरण बन सकता है।
Edited By : Chetan Gour
लेखक के बारे में
वेबदुनिया न्यूज़ टीम
वेबदुनिया न्यूज़ डेस्क पर हमारे स्ट्रिंगर्स, विश्वसनीय स्रोतों और अनुभवी पत्रकारों द्वारा तैयार की गई ग्राउंड रिपोर्ट्स, स्पेशल रिपोर्ट्स, साक्षात्कार तथा रीयल-टाइम अपडेट्स को वरिष्ठ संपादकों द्वारा सावधानीपूर्वक जांच-परख कर प्रकाशित किया जाता है।.... और पढ़ें