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  4. Development of eco tourism and religious places in UP will get a new dimension, proposal placed in the supplementary budget
Last Modified: लखनऊ , सोमवार, 22 दिसंबर 2025 (19:34 IST)

यूपी में ईको पर्यटन और धार्मिक स्थलों के विकास को मिलेगा नया आयाम, अनुपूरक बजट में रखा प्रस्ताव

Uttar Pradesh
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार ने अनुपूरक बजट में पर्यटन, कला, संस्कृति को बढ़ावा देने और धार्मिक स्थलों का विकास करने पर विशेष ध्यान दिया है। वित्त मंत्री ने आज विधान सभा में अनुपूरक बजट पेश करते हुए यूपी ईको टूरिज्म विकास बोर्ड के लिए 1 करोड़ रुपए तथा अन्य पर्यटन सुविधाओं का विकास करने के लिए 5 करोड़ रुपए की मांग की गई है।

साथ ही श्री सोरों और श्री कल्कि धाम व अन्य तीर्थ स्थलों में विकास कार्यों को गति देने के लिए 10 करोड़ रुपए के अनुदान का प्रस्ताव रखा है। लोक कलाकारों को वाद्ययंत्रों की खरीद के लिए 5 करोड़ रुपए और राज्य पुरातत्व निदेशालय छतर मंजिल, लखनऊ के रेस्टोरेशन के लिए 3 करोड़ 44 लाख रुपए का प्रस्ताव रखा गया है।  
 
ईको पर्यटन और धार्मिक स्थलों के विकास पर विशेष जोर
विधान सभा में आज पेश किए गए अनुपूरक बजट में ईको पर्यटन के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए 10 लाख रुपए और प्राकृतिक स्थलों, वन क्षेत्रों और ग्रामीण पर्यटन में सुविधाओं का विकास करने के लिए, उत्तर प्रदेश ईको टूरिज्म विकास बोर्ड को 1 करोड़ रुपए की राशि प्रदान करने का प्रस्ताव रखा गया है। साथ ही विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत पर्यटन, यात्री सुविधा एवं संस्थागत विकास से जुड़े कार्यों के लिए 5 करोड़ रुपए की आवश्यकता व्यक्त की गई है। श्री सोरों तीर्थ, कासगंज और श्री कल्कि धाम, संभल क्षेत्र सहित अन्य धार्मिक स्थलों में पर्यटन संबंधी अवसंरचना सुविधाओं के विकास करने के लिए विशेष रूप से 10 करोड़ रुपए अनुदान का प्रस्ताव रखा गया है। इस राशि से तीर्थ क्षेत्रों में सड़क, प्रकाश व्यवस्था, सूचना केंद्र, शौचालय, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। साथ ही जनपद, ब्लाक मुख्यालयों पर हेलीपैड की सुविधा का विकास करने के लिए 10 करोड़ रुपए का अनुदान मांगा गया है। 
 
सार्वजनिक रामलीला स्थल और लोक कलाकारों के लिए अनुपूरक मांग
प्रदेश में कला, संस्कृति के विकास के लिए भी अनुपूरक मांगे रखी गई हैं। इसके तहत लोक कलाकारों को सहयोग और वाद्ययंत्रों की खरीद के लिए 5 करोड़ रुपए, साथ ही सार्वजनिक रामलीला स्थलों के रख-रखाव के लिए प्रतीकात्मक रूप से 1 लाख रुपए की मांग की गई है। वहीं प्रदेश में संग्रहालयों के संरक्षण और क्यूरेशन के लिए 1 लाख रुपए और राज्य पुरातत्व निदेशालय छतर मंजिल, लखनऊ के रेस्टोरेशन के लिए 3 करोड़ 44 लाख रुपए की मांग की गई है। साथ ही संजीवनी माध्यमिक विद्यालय की स्थापना के लिए आवास निर्माण कार्य हेतु 1 लाख रुपए की मांग की गई है। सरकार के ये प्रयास प्रदेश में पर्यटन, ईको टूरिज्म को नया आयाम प्रदान करेंगे साथ ही रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्राप्त होगी। Edited by : Sudhir Sharma
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