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Last Updated :अयोध्या , शनिवार, 21 फ़रवरी 2026 (18:13 IST)

इंदिरा गांधी के समय जो न हो सका, वो योगी राज में हुआ! अयोध्या में 21 एकड़ में बना रामायण विश्वविद्यालय

Ramayana University Ayodhya
राम नगरी अयोध्या अब केवल भक्ति का केंद्र नहीं, बल्कि ज्ञान और आधुनिक शिक्षा का नया वैश्विक हब बनने जा रही है। दशकों पहले महर्षि महेश योगी ने जिस 'रामायण विश्वविद्यालय' का सपना देखा था, उसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने धरातल पर उतार दिया है। 21 एकड़ में फैले इस अनूठे विश्वविद्यालय में अब विद्यार्थी कंप्यूटर की कोडिंग के साथ-साथ वेदों की ऋचाएं और रामायण के आदर्शों का पाठ भी पढ़ेंगे।
 
अयोध्या को विश्वव्यापी रामराज्य की राजधानी बनाने का संकल्प अब शिक्षा के माध्यम से पूरा हो रहा है। महर्षि महेश योगी रामायण विश्वविद्यालय की स्थापना के साथ ही अयोध्या में आध्यात्मिक और आधुनिक शिक्षा के संगम का नया अध्याय शुरू हो गया है।

दशकों पुराना सपना हुआ सच

महर्षि महेश योगी अयोध्या में एक ऐसा केंद्र चाहते थे जो पूरे विश्व को रामायण और योग के ज्ञान से जोड़े। प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल के दौरान भी इसके लिए प्रयास हुए थे, लेकिन सफलता अब योगी सरकार के कार्यकाल में मिली है। कुलाधिपति अजय प्रकाश श्रीवास्तव के अथक प्रयासों और 2022 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हुई मुलाकातों के बाद जून 2025 में इसे कैबिनेट की मंजूरी और फिर UGC से मान्यता प्राप्त हुई।

क्या है इस विश्वविद्यालय की खासियत?

यह विश्वविद्यालय केवल पारंपरिक शिक्षा तक सीमित नहीं है। यहां 'एकीकृत शिक्षा' (Integrated Education) पर जोर दिया जा रहा है।
  • वैदिक पाठ्यक्रम : रामायण, वेद, पुराण, वैदिक विज्ञान, योग और भारतीय दर्शन।
  • आधुनिक पाठ्यक्रम : इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट (प्रबंधन), कला, विज्ञान, कानून (Law) और फार्मेसी।
  • सुविधाएं : 21 एकड़ का भव्य कैंपस और विद्यार्थियों के लिए आधुनिक हॉस्टल की सुविधा।
विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी अमन श्रीवास्तव के अनुसार, यहां का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास करना है, ताकि वे आधुनिक दुनिया की चुनौतियों से निपटने के साथ-साथ अपने आध्यात्मिक मूल्यों से भी जुड़े रहें।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala