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Last Modified: लखनऊ , मंगलवार, 27 जनवरी 2026 (14:13 IST)

नहीं प्यासा रहेगा गांव, अटल भूजल योजना से यूपी में जल संरक्षण की नई क्रांति

प्रदेश में डिजिटल वाटर रिकॉर्डर के जरिए भूजल स्तर रियल टाइम मॉनिटरिंग और पारदर्शी प्रबंधन, जल संकटग्रस्त इलाकों में समुदायों को साथ लेकर अटल भूजल योजना ने बदली गांवों की तस्वीर, 'कैच द रेन' अभियान के तहत हजारों जल संरचनाओं का निर्माण, वर्षा जल संचयन

Atal Bhujal Yojana
Atal Ground Water Scheme UP: उत्तर प्रदेश में जल संकट से निपटने की दिशा में पिछले पौने नौ वर्षों में योगी आदित्यनाथ सरकार ने जिस ठोस और दीर्घकालीन रणनीति पर काम किया है, उसके परिणाम अब स्पष्ट रूप से सामने आने लगे हैं। भूजल संरक्षण को सरकार ने केवल पर्यावरण से जुड़ा विषय ही नहीं समझा, अपितु  खेती, ग्रामीण जीवन और भविष्य की पीढ़ियों की सुरक्षा से भी जोड़ने का काम किया है। ‘अटल भूजल योजना’, ‘कैच द रेन’ और ‘जल संचय जन भागीदारी’ जैसे अभियानों द्वारा प्रदेश में जल प्रबंधन को नई मजबूती मिली है। अटल भूजल योजना के माध्यम से यूपी में जल संरक्षण की दिशा में नयी क्रांति हो रही है। 

550 डिजिटल वाटर लेवल रिकॉर्डर

केंद्र सरकार के सहयोग से लागू अटल भूजल योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश, देश के उन 7 राज्यों में शामिल है, जहां जल तनावग्रस्त क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। योजना के अंतर्गत प्रदेश में 26945.97 हेक्टेयर क्षेत्र में सक्षम जल उपयोग को बढ़ावा दिया गया है। इसके साथ ही 550 डिजिटल वाटर लेवल रिकॉर्डर और 392 डिजिटल एंड एनालॉग जल स्तर संकेतक स्थापित किए गए हैं। इन व्यवस्थाओं से भूजल स्तर की नियमित निगरानी संभव हो सकी है और प्रशासन को सटीक आंकड़ों के आधार पर निर्णय लेने में सहायता मिल रही है।
 
योगी सरकार ने तकनीक आधारित जल प्रबंधन को अपनी नीति का अहम हिस्सा बनाया है। डिजिटल निगरानी प्रणाली से यह सुनिश्चित किया गया है कि भूजल दोहन और उसके पुनर्भरण पर लगातार नजर रखी जाए। इससे पहले कई क्षेत्रों में जल स्तर गिरने की जानकारी देर से मिलती थी,  लेकिन अब स्थिति बदल रही है। सरकार का मानना है कि इस वैज्ञानिक व्यवस्था से जल प्रबंधन अधिक प्रभावी और पारदर्शी हुआ है।

वर्षा जल संचयन पर कार्य

वर्षा जल संचयन को लेकर भी उत्तर प्रदेश में बड़े स्तर पर काम हुआ है। जल शक्ति अभियान 'कैच द रेन' और 'जल संचय जन भागीदारी' के अंतर्गत प्रदेश में हजारों संरचनाओं का निर्माण किया गया है। राष्ट्रीय स्तर पर 39.60 लाख कृत्रिम भूजल पुनर्भरण और जल संचयन कार्य पूरे किए जा चुके हैं, जिनका सीधा लाभ उत्तर प्रदेश के कई जिलों को भी मिला है। तालाबों, कुओं व पारंपरिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन से भूजल स्तर को सहारा मिला है। इन प्रयासों का सबसे बड़ा लाभ किसानों व ग्रामीण आबादी को प्राप्त हुआ है। बेहतर भूजल उपलब्धता से सिंचाई व्यवस्था को बड़ी मजबूती प्राप्त हुई है और पेयजल संकट वाले क्षेत्रों में राहत देखने को मिली है। सरकार के अनुसार जल सुरक्षा से खेती को स्थायित्व मिला है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।
Atal Bhujal Yojana

जल आत्मनिर्भर बनाने की ओर काम

योगी आदित्यनाथ सरकार का जल प्रबंधन को लेकर किए जा रहे कार्यों का सकारात्मक प्रभाव सिर्फ वर्तमान तक सीमित नहीं है। डबल इंजन सरकार के मॉडल के अंतर्गत केंद्र व राज्य के समन्वय से उत्तर प्रदेश को जल आत्मनिर्भर बनाने की ओर काम हो रहा है। भूजल संरक्षण, पुनर्भरण और निगरानी को विकास के साथ जोड़कर देखा जा रहा है, जिससे कि आने वाले वर्षों में जल संकट दोबारा न खड़ा हो। योगी सरकार की जल नीति उत्तर प्रदेश के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक मजबूत आधार बनती दिख रही है, जहां तकनीक व जनभागीदारी के सहारे जल प्रबंधन को नई पहचान मिल रही है।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala 
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