यूएन प्रमुख ने 'ग़ाज़ा युद्धविराम समझौते' की घोषणा का किया स्वागत
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्ताव पर आधरित ग़ाज़ा में युद्धविराम और बंधकों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए हुए समझौते की घोषणा का स्वागत किया है। यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने बुधवार देर शाम जारी एक वक्तव्य मे कहा है, मैं इस अत्यन्त आवश्यक सफलता के लिए मध्यस्थता करने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका, क़तर, मिस्र और तुर्की के कूटनातिक प्रयासों की सराहना करता हूं।
उन्होंने सभी सम्बन्धित पक्षों से, समझौते की शर्तों का पूरी तरह पालन करने का आग्रह भी किया है। एंतोनियो गुटेरेश ने कहा, सभी बंधकों को सम्मानजनक तरीक़े से रिहा किया जाना चाहिए। एक स्थाई युद्धविराम सुनिश्चित किया जाना चाहिए। युद्ध हमेशा के लिए बन्द होना चाहिए।
ग़ाज़ा में मानवीय सहायता की आपूर्ति और आवश्यक वाणिज्यिक सामग्रियों का तत्काल और निर्बाध प्रवेश सुनिश्चित किया जाना चाहिए। [लोगों की] पीड़ा समाप्त होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र इस समझौते के पूर्ण कार्यान्वयन का समर्थन करेगा और निरन्तर व सैद्धान्तिक आधार पर, मानवीय राहत प्रदान करने के प्रयासों को बढ़ाएगा और हम ग़ाज़ा में पुनर्वास व पुनर्निर्माण के प्रयासों को आगे बढ़ाएंगे।
I welcome the announcement of an agreement to secure a ceasefire & hostage release in Gaza, based on the proposal put forward by @POTUS. I commend the diplomatic efforts of the United States, Qatar, Egypt & Türkiye in brokering this desperately needed breakthrough.
— António Guterres (@antonioguterres) October 9, 2025
I urge all…
उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र इस समझौते के पूर्ण कार्यान्वयन का समर्थन करेगा और निरन्तर व सैद्धान्तिक आधार पर, मानवीय राहत प्रदान करने के प्रयासों को बढ़ाएगा और हम ग़ाज़ा में पुनर्वास व पुनर्निर्माण के प्रयासों को आगे बढ़ाएंगे।
यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने सभी हितधारकों से आग्रह किया कि वे इस महत्वपूर्ण अवसर का लाभ उठाकर, [इसराइल के] क़ब्ज़े को समाप्त करने, फिलिस्तीनी लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार को मान्यता देने और दो-देश समाधान की ओर आगे बढ़ने के लिए एक विश्वसनीय राजनीतिक मार्ग स्थापित करें, ताकि इसराइल और फिलिस्तीनी लोग, शान्ति और सुरक्षा के साथ रह सकें। उन्होंने कहा कि इस समय बहुत कुछ दांव पर लगा है, जितना पहले कभी नहीं था।

