'टी-20 में हमने भारत को हराया, ऐसे में अभी कैसे हो संबंध सुधारने की बात? पाक PM ने कसा तंज

पुनः संशोधित मंगलवार, 26 अक्टूबर 2021 (10:54 IST)
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इस्लामाबाद:के प्रधानमंत्री ने सोमवार को भारत के साथ संबंधों में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया लेकिन साथ ही कहा कि टी-20 विश्व कप में भारत के खिलाफ देश की जीत के बाद इस तरह की बातचीत के लिए यह ‘‘अच्छा समय नहीं’’ था।

‘डॉन’ ऑनलाइन की खबर के अनुसार, खान ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद में पाकिस्तान-सऊदी निवेश मंच को संबोधित करते हुए कहा कि भारत और पाकिस्तान के पास केवल एक ही मुद्दा है - कश्मीर मुद्दा। उन्होंने इसका ‘‘सभ्य’’ पड़ोसियों की तरह हल करने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा, ‘‘चीन के साथ हमारे बहुत अच्छे संबंध हैं, लेकिन अगर हम किसी तरह भारत के साथ अपने संबंधों को सुधारते हैं - मुझे पता है कि कल रात क्रिकेट मैच में पाकिस्तान टीम से हार के बाद, भारत के साथ संबंध सुधारने के बारे में बात करने का यह बहुत अच्छा समय नहीं है।’’उनकी टिप्पणी दुबई में विश्व कप में पहली बार पाकिस्तान द्वारा भारत को हराने के एक दिन बाद आयी है।

उन्होंने सऊदी अरब के उद्योगपतियों से कहा, ‘‘यह सभी मानवाधिकारों और कश्मीर के लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकारों के बारे में है, जैसा कि 72 साल पहले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा गारंटी दी गई थी। अगर उन्हें यह अधिकार दिया जाता है, तो हमें कोई अन्य समस्या नहीं है। दोनों देश सभ्य पड़ोसियों के रूप में रह सकते हैं (...) बस क्षमता की कल्पना करें।’’

उन्होंने कहा कि भारत पाकिस्तान के जरिये मध्य एशिया तक पहुंच हासिल करेगा और बदले में पाकिस्तान दो बड़े बाजारों तक पहुंच हासिल करेगा।

क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के निमंत्रण पर सऊदी अरब की तीन दिवसीय यात्रा पर आए खान ने कहा, ‘‘मैं सऊदी उद्योग समुदाय से कहना चाहता हूं कि परिस्थितियां कभी भी एक जैसी नहीं रहती हैं। वे हमेशा बदलती रहती हैं।’’

पाकिस्तान के रणनीतिक स्थान पर प्रकाश डालते हुए खान ने कहा कि सऊदी उद्योगपतियों को देश की पेशकश से लाभ हो सकता है। उन्होंने रावी रिवरफ्रंट अर्बन डेवलपमेंट प्रोजेक्ट और लाहौर के पास सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट प्रोजेक्ट का जिक्र किया और निवेशकों से इनमें निवेश करने का आह्वान किया।

उन्होंने सिंधु नदी के किनारे 300,000 एकड़ उपजाऊ भूमि के साथ एक अन्य परियोजना का भी उल्लेख किया।
इससे पहले, खान ने कहा था कि पाकिस्तान-सऊदी संबंध अन्य सभी से परे हैं और अगर रियाद को सुरक्षा खतरे का सामना करना पड़ता है, तो पाकिस्तान अपनी सुरक्षा की रक्षा के लिए उसके खड़ा होगा।

एक बयान में कहा गया कि इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सऊदी निवेशक और उद्योगपति, प्रमुख पाकिस्तानी व्यापारिक नेता, पाकिस्तानी प्रवासी निवेशक और पाकिस्तान के निजी क्षेत्र के हितधारक शामिल हुए। (भाषा)



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